मरीज का फोन नहीं सुना तो बंद होगा मोबाइल भत्ता
अबोहर सिविल अस्पताल पहुंचे सिविल सर्जन बोले
मरीज की शिकायत की जांच करने पहुंचे थे सिविल सर्जन
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर।
सिविल सर्जन डॉ. सुरेन्द्र कुमार ने कहा है कि सरकारी अस्पताल में दाखिल मरीज को जरूरत पड़ने पर अगर किसी भी एसएमओ या डॉक्टर ने उसका फोन नहीं उठाया तो संबंधित डॉक्टर को सरकार की ओर से मिलने वाला मोबाइल भत्ता बंद कर दिया जाएगा। सिविल सर्जन अस्पताल में दाखिल एक मरीज की शिकायत पर जांच करने शुक्रवार को अबोहर सरकारी अस्पताल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मरीज की बात न सुनने वाले डॉक्टरों के साथ बैठक की और सरकारी अस्पताल से मरीजों को निजी अस्पतालों में ले जाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार आर्य नगरी गली नंबर 7 निवासी कृष्ण कुमार ने वीरवार रात सिविल सर्जन को शिकायत दी कि उसका 20 साल का बेटा पथरी से पीड़ित है और 18 जून से सरकारी अस्पताल में भर्ती है। वीरवार रात उसकी तबियत खराब होने पर जब उसने डॉक्टर से संपर्क किया तो किसी भी डॉक्टर ने उनकी सुनवाई नहीं की। उनका बेटा करीब एक घंटे तक दर्द से परेशान रहा। शिकायत मिलते ही सिविल सर्जन के आदेशों पर अस्पताल के अतिरिक्त एसएमओ डॉ. युधिष्ठिर ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन मरीज के परिजन डॉक्टरों की लापरवाही से नाराज थे। शुक्रवार सुबह सिविल सर्जन डॉ. सुरेन्द्र कुमार अस्पताल पहुंचे और मरीज का हालचाल जाना। इसके बाद उन्होंने डाक्टरों और स्टाफ में आपसी तालमेल के अभाव को दूर करने के लिए बैठक की। इसमें निर्देश दिए गए कि रात के समय किसी भी मरीज की स्थिति गंभीर हो तो जनरल वार्ड में ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्सें इसकी सूचना इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर को देंगी ताकि मौके पर ही मरीज का इलाज हो सके। सिविल सर्जन ने कहा कि अस्पताल में दाखिल किसी भी मरीज के उपचार में अगर कोताही बरती गई तो संबंधित डॉक्टर और स्टाफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों के साथ बेहतर तालमेल कायम करने के लिए डॉक्टरों को मोबाइल भत्ता दिया जाता है। अगर डॉक्टर ने मरीज की बात नहीं सुनी तो उसका मोबाइल भत्ता बंद कर दिया जाएगा।
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