पुलिस के खिलाफ धरने पर विधायक
पुलिस पर लगाया अकाली नेता का उत्पीड़न करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर।
वार्ड नंबर 33 से पार्षद का चुनाव लड़ चुके अकाली दल एससी सेल के जिला सचिव पर केस दर्ज कर हिरासत में लेने के खिलाफ विधायक अरुण नारंग सड़क पर उतर आए और अकाली-भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ सोमवार की सुबह 7 बजे ही थाना नंबर 1 के बाहर धरना लगा दिया। धरने पर बैठे गठबंधन कार्यकर्ताओं ने पुलिस की धक्केशाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समाचार लिखे जाने तक धरना जारी था।
जानकारी के अनुसार वार्ड नंबर 33 निवासी अकाली गुरदेव सिंह फौजी और मौजूदा कांग्रेसी पार्षद गणपत राम के बीच पानी की निकासी को लेकर विवाद हुआ था। विधायक ने समस्या हल करवाने का आश्वासन दिया था। सोमवार सुबह करीब 6 बजे थाना सिटी पुलिस ने दबिश देकर गुरदेव सिंह फौजी को दबोच लिया और थाने ले आई। इसकी सूचना मिलते ही अकाली-भाजपा के वर्कर बड़ी संख्या में थाने पहुंच गए लेकिन जब थाना प्रभारी ने उनकी एक न सुनी तो उन्होंने थाने के बाहर धरना लगा दिया।
इस दौरान विधायक अरुण नारंग ने कहा कि अकाली गुरदेव सिंह को राजनीतिक रंजिश के कारण हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि अबोहर ही नहीं बल्कि पूरे पंजाब में कांग्रेस अकाली-भाजपा वर्करों की झूठी शिकायतें देकर उन पर पर्चे दर्ज करवा रही है। करीब साढ़े 8 घंटे से जारी धरने के दौरान पुलिस ने एक बार भी बाहर आकर विधायक की बात नहीं सुनी। इधर सरकार की धक्केशाही के खिलाफ जिला उपायुक्त कार्यालय फाजिल्का के बाहर लगे जिला स्तरीय धरने में सूचना पहुंचते ही वहां से बड़ी संख्या में अकाली वर्कर अबोहर पहुंचे और थाने के सामने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
वहीं थाना प्रभारी गुरमीत सिंह ने बताया कि वार्ड नंबर 33 से लालचंद पुत्र मोरा राम की शिकायत पर गुरदेव सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दूसरी पार्टी को भी थाने बुलाकर जांच की जा रही है। धरने पर विधायक अरुण नारंग के साथ रवि सेतिया, अशोक छाबड़ा, दलजीत सिंह तिन्ना, दविन्द्र सिंह काका, मनीराम अडानी, अकाली दल के सर्कल अध्यक्ष अशोक आहूजा, सुरेश सतीजा हाजिर थे।