पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद एमसी का बुल्डोजर
- निगम की टीम ने सेक्टर-21 में अभियान चलाकर हटाया अतिक्रमण
- लोगों ने कोर्ट के फैसले को सराहा, बोले रास्ता होगा साफ
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शहर में घरों के बाहर कब्जे हटाने के पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद शनिवार को नगर निगम ने सेक्टर-21 में अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने का काम किया। इस दौरान एमसी की टीम ने करीब एक दर्जन मकानों के सामने से अवैध कब्जेदारों को साफ किया। वहीं हाईकोर्ट निर्देश सिटी के लोगों ने समर्थन किया है, जिसमें कहा गया है कि घर के बाहर कब्जे को हटा देना चाहिए।
पूर्व मेयर व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुभाष चावला ने बताया कि हाईकोर्ट का फैसला काबिलेतारीफ है। जगह खाली होने पर लोग अपनी गाड़ियां वहां पर खड़ी कर सकते हैं। इससे सड़क चौड़ी होगी और जाम से भी राहत मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह शहर मेट्रो में पिछड़ गया है। दस साल की मेहनत के बाद मेट्रो का प्रोजेक्ट तैयार हुआ था, लेकिन सांसद ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। चंडीगढ़ रेजीडेंट एसोसिएशन वेलफेयर फेडरेशन के चेयरमैन हितेश पुरी ने भी हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि चंडीगढ़ प्रशासन तो इस मसले पर कुछ सोच नहीं पा रहा। अब तो हाईकोर्ट से ही उम्मीद है कि वही कुछ जनता के हित में फैसला लेगा। घर के बाहर कब्जे हटने से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। फासवेक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू ने कहा कि घर के बनी फेंसिंग को हटाना समय की जरूरत है। सही वक्त सही फैसला लिया गया है। कम से कम इससे गाड़ियां तो खड़ी कर सकेंगे। लोग सड़कों पर ही गाड़ी खड़ी करते थे। इससे आधी सड़कें तो वाहन घेर लेते थे। लोगों को हाईकोर्ट के आर्डर आने से पहले ही इस दिशा में सोच लेना चाहिए था।