मंजूरी के लिए गवर्नर के पास भेजी लैंड परचेजिंग पॉलिसी की फाइल
- अब जमीन अधिग्रहण करने से पहले ली जाएगी किसानों की अनुमति
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़ ।
लैंड परचेजिंग पॉलिसी को लेकर यूटी प्रशासन की ओर से तैयार किए गए ड्राफ्ट की फाइल मंजूरी के लिए पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के पास भेज दी गई है। पॉलिसी को मंजूरी मिलते ही यूटी प्रशासन की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा। जो ड्राफ्ट तैयार किया है, उसके मुताबिक अब प्रशासन को किसानों की जमीन का अधिग्रहण करने से पहले अनिवार्य रूप से उनकी अनुमति लेनी होगी।
चंडीगढ़ में किसानों की जमीन एक्वायर करने के लिए प्रशासन एक्ट के हिसाब से नहीं, बल्कि स्वीकृति आधारित प्रणाली के तहत काम करेगा। इसके लिए प्रशासन ने ड्राफ्ट पॉलिसी तैयार कर इसे प्रशासक के पास अप्रूवल के लिए भेजा है। प्रस्तावित पॉलिसी को अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट की तरफ से तैयार किया गया है।
दरअसल, भू-अधिग्रहण अधिनियम के हिसाब से जमीन का अधिग्रहण करने के मामले में कई बार प्रशासन और किसानों के बीच मुआवजे को लेकर विवाद होते रहे हैं। जमीन का अधिग्रहण करने को लेकर अब प्रशासन ने अपनी नीति स्पष्ट कर दी है। इसमें किसानों की अनिवार्य स्वीकृति को शामिल किया गया है। पंजाब में भी इस तरह की पॉलिसी है। इसी आधार पर अब यही नीति चंडीगढ़ में भी लागू करने की तैयारी की गई है। जो भी फायदा किसानों को दिया जाना होगा, वह भी इसी पॉलिसी के हिसाब से दिया जाएगा। इसका एक फायदा यह होगा कि जमीन तो प्रशासन को मिल जाएगी और विवाद भी नहीं होगा। इस संबंध में वित्त सचिव एके सिन्हा ने बताया कि इस पॉलिसी के जरिये प्रशासन और किसानों के बीच मुआवजे कोे लेकर भी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।