पार्किंग और वेंडर के खिलाफ बिजनेस काउंसिल छेड़ेगी मुहिम
कहा, चंडीगढ़ को लुधियाना या बठिंडा बनाना चाहता है प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पेड पार्किंग और बाजारों में बढ़ चुके वेंडर्स के खिलाफ चंडीगढ़ बिजनेस काउंसिल ने मुहिम चलाने का निर्णय लिया है। इसकी घोषणा इसी सप्ताह के अंत में कर दी जाएगी। इस मुहिम के तहत पूरे शहर के मार्केट्स के व्यापारियों को जोड़ा जाएगा।
काउंसिल के अध्यक्ष नीरज बजाज का कहना है कि इस समय हर बाजार में त्राहि त्राहि मची हुई है। पहले दुकानों के बाहर वेंडर बैठा दिए गए और अब पेड पार्किंग के रेट बढ़ाकर कारोबार का प्रभावित किया गया है। बजाज का कहना है कि वेंडर्स के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है और पार्किंग के रेट बढ़ने के कारण ग्राहक अब कम आ रहे हैं। बजाज का कहना है कि दो माह पहले व्यापारियों को आश्वासन दिया गया था कि सेक्टर-17 से वेंडर हटा कर इसे नो वेंडिंग जोन बना दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
बिजनेस काउंसिल के चेयरमैन जगदीश अरोड़ा का कहना है कि बाजारों के व्यापारियों को लोडिंग और अनलोडिंग करवाने में दिक्कत आ रही हैं। जो माल छोड़ने के लिए वाहन आ रहे हैं उनसे भी पार्किंग शुल्क वसूल किया जा रहा है।
नीरज बजाज का कहना है कि बिजनेस काउंसिल की दो दिन पहले बैठक हुई है। इसमें निर्णय लिया गया है कि प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ हर मार्केट में मुहिम चलाई जाए। बजाज का कहना है कि एक माह तक अभियान जारी रहेगा कभी कैंडल मार्च, कभी भूख हड़ताल तो कभी काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन किया जाएगा। उनका कहना है कि इससे शहरवासियों को भी जोड़ा जाएगा जो कि बाजारों में आते हैं। बजाज का कहना है कि हर बाजार में क्षमता से अधिक वेंडर बैठाकर प्रशासन चंडीगढ़ को लुधियाना या बठिंडा बनाना चाहते हैं।