चंडीगढ़। सेक्टर-43 स्थित जिला कोर्ट में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया है, जिसमें हजारों की संख्या में लोग अपने विभिन्न तरह के मामले लेकर पहुंचे थे।
इस दौरान कोर्ट की 13 बेंचों ने अलग-अलग तरह के 2182 मामलों का निपटारा किया, जबकि हजारों लोगों के लंबे समय से पेंडिंग पड़े चालान भी निपटाए गए। कोर्ट में चालान का मौके पर ही जुर्माना भी लगाया गया। लोक अदालत में कोर्ट परिसर में हजारों की संख्या में लोग अपने चालान निपटाने के लिए पहुंचे थे।
जिला कोर्ट में सेवारत न्यायिक अधिकारियों की अध्यक्षता में 13 पीठों का गठन किया गया था। लोक अदालत में गठित न्यायिक अधिकारियों की बेंचों की ओर से कुल 2182 मामलों का निपटारा किया गया। इसमें 4 आपराधिक शमनीय मामले और एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत 1733 मामले शामिल थे। अधिनियम के अंतर्गत 1 करोड़ 44 लाख 40450 रुपये की राशि के 47 मोटर दुर्घटना मामलों को भी निपटाया गया। 7 करोड़ 29 लाख 43 रुपये की राशि के 39 वैवाहिक/पारिवारिक विवाद, 38.29 लाख रुपये की राशि के 100 सिविल मुकदमे और किराया मामलेे निपटाए गए।
38.24 लाख रुपये की राशि के 113 निष्पादन, आठ सिविल विविध, पांच हजार रुपये की राशि के 14 आपराधिक विविध, 3 मध्यस्थता मामले, एक सिविल/किराया अपील, 125 सीआरपीसी के 35, डीवी अधिनियम के 16, 16 अनट्रेस, 13 आपराधिक अपील और 10 हजार 800 रुपये की राशि के आरओसी/शॉप अधिनियम के 40 मामलों का निपटारा किया गया। मौके पर ही 9596 ट्रैफिक चालान का निपटारा किया गया और 47 लाख 82 हजार 300 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
इसके अतिरिक्त, स्थायी लोक अदालत (पीयूएस) द्वारा 14 लाख 18 हजार 182 रुपये की राशि वाले 169 प्री-लिटिगेटिव मामलों का निपटारा किया गया। श्रम कोर्ट की ओर से 6.90 लाख रुपये की राशि वाले 7 श्रम विवाद मामलों का निपटारा किया गया, जबकि राज्य एवं जिला उपभोक्ता आयोग की ओर से 42 और डीआरटी-3 द्वारा 233 मामलों का निपटारा किया गया।