- सेक्टर-17 लोकल बस स्टैंड पर अव्यवस्था -
अनजान यात्रियों को नहीं पता कौनसी बस किस रूट पर जाएगी
- लाउड स्पीकर और इंक्वायरी रूम की नहीं है व्यवस्था, हर दिन परेशान होते हैं यात्री
- अधिकतर लोग पीजीआई में इलाज और हाईकोर्ट में पेशी के लिए आते हैं यहां
- कई यात्री अनपढ़ होने के कारण नहीं पढ़ पाते बस का नंबर
मोनिका
चंडीगढ़। देशभर के बस स्टैंडों पर यात्रियों की सुविधा के लिए लाउड स्पीकर या इंक्वायरी रूम होते हैं। यहां से पता चल जाता है कि कौनसी बस किस रूट पर जाएगी लेकिन सैक्टर-17 लोकल बस स्टैंड पर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। यहां हर दिन यात्री परेशान होते हैं। सर्वाधिक दिक्कत अनपढ़ लोगों को होती है। वह न तो बस पर लिखा रूट पढ़ पाते हैं और न गाड़ियों के नंबर देख पाते हैं। अनजान लोगों के साथ ही यह दिक्कतें हो रही हैं।
रोजाना अलग-अलग राज्यों के लोग पीजीआई में इलाज के लिए आते है, जिनमें अधिकतर लोग ग्रामीण और अशिक्षित होते हैं, जो शहर से बिल्कुल अनजान होते हैं। सेक्टर-17 स्थित आईएसबीटी के लोकल बस अड्डे पर बाहर से आए लोगों को भटकना पड़ता है। अड्डे पर अनजान और अशिक्षित यात्रियों को पता ही नहीं चल पाता कि कौनसी बस किस रूट पर जा रही है। कई बार जिस रूट पर सवारियों को जाना होता है वह बस उनके आगे से निकल जाती है और उनको पता ही नहीं चलता। अशिक्षित लोग जब इंस्पेक्टर रूम में पूछने जाते हैं तो उनको बस नंबर बता दिया जाता है, लेकिन जब वहां से बस की तलाश में जाते हैं तो वह बस नंबर नहीं पढ़ पाते। वहां कोई बताने वाला नहीं होता है।
यह यात्री एक के बाद दूसरी बसों में चढ़कर पूछते हैं कि यह बस कहां जाएगी। सीटीयू लोकल बसें अड्डे पर ज्यादा देर भी नहीं रुकती हैं। कंडक्टर एक या दो बार बोलते हैं जबकि दूसरे राज्यों में कंडक्टर काफी देर तक तेज आवाज में रूट का नाम रिपीट करते हैं, जिससे यात्रियों को पता चल जाता है कि बस किस रूट पर जा रही है। हर बस अड्डे पर लाउड स्पीकर की सुविधा होती है लेकिन यहां नहीं है।
यह बोले यात्री
डेराबस्सी से आए वृद्ध रामपाल, रोशन आदि का कहना है कि पढ़ाई न करने का दंश यहां झेलने को मिल रहा है। बस कहां जाएगी, कोई बताने को तैयार नहीं है। अंबाला के एक गांव से आई महिला विमला देवी भी यही कहती हैं। कहा कि आधे घंटे से बस को ढूंढ रही हूं, लेकिन पीजीआई कौनसी बस जाएगी, कोई बताने को तैयार नहीं। बस नंबर बता दिया लेकिन हम बस को पहचान नहीं पा रहे हैं।
कोट
मुझे इस प्रकार की कोई जानकारी नहीं है। अगर सवारियों को ऐसी कोई समस्या है तो इसके लिए कोई न कोई व्यवस्था जरूर कराएंगे।
-डॉ. अजय सिंगला, परिवहन सचिव।