मशीन खरीद मामले में मोहाली मेयर को हाईकोर्ट से बड़ी राहत
पंजाब सरकार के जारी नोटिस को कोर्ट ने अवैध बताते हुए किया रद्द
सरकार को दिया विकल्प, चाहे तो कानून के अनुरूप दोबारा शुरू कर सकती है जांच
तय कीमत से अधिक दाम पर ट्री प्रूनिंग मशीन खरीदने का आरोप लगा स्थानीय निकाय विभाग ने कुलवंत सिंह को भेजा था निलंबन नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
मोहाली के मेयर कुलवंत सिंह को वीरवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। पंजाब के स्थानीय निकाय विभाग ने उन पर तय कीमत से कई अधिक दाम पर ट्री प्रूनिंग मशीन खरीदने का आरोप लगा जो कारण बताओ नोटिस भेजा था, उसे हाईकोर्ट ने अवैध करार दे रद्द कर दिया। इसके साथ ही जस्टिस दया चौधरी ने पंजाब सरकार को कहा कि वह चाहे तो आगे इस मामले की उचित जांच कर तय कानूनी प्रक्रिया के तहत भविष्य में कार्रवाई कर सकती है।
मशीन खरीद में घोटाले का आरोप लगा स्थानीय निकाय विभाग ने मेयर कुलवंत सिंह को कारण बताओ नोटिस भेजकर पूछा था कि क्यों न उन्हें निलंबित कर दिया जाए। इस नोटिस को कुलवंत सिंह ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए इस नोटिस पर आगे कोई भी कार्रवाई किए जाने पर रोक लगा दी थी। इसके अलावा कोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया था। नोटिस के जवाब में पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में कहा था कि सभी नियम कायदों का उल्लंघन कर मेयर के इशारे पर छह से सात गुना महंगी मशीन की खरीद की गई थी। इसके लिए न तो टेंडर मांगे गए और न ही खरीद से पहले मशीन का ट्रायल किया गया। इस मशीन की खरीद का प्रस्ताव मेयर ही लाए थे। निगम की ओर से कंपनी को यह तक भी नहीं बताया गया था कि किस तरह की मशीन की जरूरत है। खरीद से पहले किसी तकनीकी विशेषज्ञ से सलाह भी नहीं ली गई।
मेयर ने कोर्ट ने यह दिया था जवाब :
इसके जवाब में कुलवंत सिंह ने कहा था कि सरकार ने किस रिपोर्ट के आधार पर उन्हें इस ट्री प्रूनिंग मशीन की दोगुने दामों में खरीद का दोषी मान नोटिस जारी किया है, उसकी न तो उन्हें और ना ही हाईकोर्ट को अब तक कोई जानकारी दी गई है। मशीन की खरीद के लिए निगम की ओर से 29 सितंबर 2016 को टेंडर दो मुख्य समाचार पत्रों में जारी किया गया था। इस टेंडर के बाद किसी भी देसी कंपनी ने इस मशीन के लिए आवेदन किया ही नहीं था। ऐसे में यह आरोप लगाना कि जो विदेशी मशीन खरीदी गई है उससे आधी कीमत में देश में बनी मशीन मिल जाती है, पूरी तरह से गलत है। हाईकोर्ट को बताया गया कि जो मशीन खरीदी गई है उससे कई अन्य काम भी लिए जा सकते हैं।