पुलवामा घटना के बाद कश्मीरी विद्यार्थियों में भय, सपोर्ट में खड़े हुए स्टूडेंट लीडर
- देश में कुछ जगह घटनाएं सामने आने के बाद सहमे पीयू में पढ़ने वाले कश्मीरी विद्यार्थी
- पीयू में पढ़ रहे 500 से अधिक कश्मीरी छात्र, स्टूडेंट लीडर से कर रहे हैं संपर्क
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पुलवामा में आतंकी घटना के बाद देश के कुछ हिस्सों में कश्मीरी लोगों को अटैक किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। इससे कश्मीरी लोगों में भय का माहौल है। पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों को भी डर सता रहा है। वह छात्र नेताओं से खुद संपर्क कर रहे हैं। साथ ही छात्र नेता भी उनके संपर्क में हैं ताकि कोई दिक्कत कश्मीरी विद्यार्थियों को हो तो स्थिति संभाल ली जाए।
पीयू में कश्मीरी छात्र छात्राओं की संख्या 500 से अधिक है। यह युवा पीयू के हर कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। पढ़ाई में भी उनका बेहतर योगदान है। सभी विद्यार्थी मिलजुल कर रहते हैं। इस बीच पुलवामा में हुई घटना के बाद कश्मीरी विद्यार्थियों पर हमला किया गया। पीयू के इन विद्यार्थियों को डर सता रहा है। कुछ छात्र नेताओं ने इन विद्यार्थियों से मुलाकात कर उन्हें आश्वासन दिया है कि वह डरें नहीं, यहां माहौल ठीक है। कुछ विद्यार्थियों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि उन्हें वाकई डर लग रहा है। इसलिए वह दो से चार दिन हॉस्टल या अपने परिचितों के घर चले गए हैं। वहीं दूसरी ओर उनके परिजन भी इसको लेकर चिंतित हैं। वह अपने बच्चों से पल पल की जानकारी ले रहे हैं। कुछ विद्यार्थी अपने घर भी चले गए हैं।
क्या कहते हैं छात्र नेता
सभी की फोटो
डरें नहीं, दिक्कत हो तो संपर्क करें
कुछ विद्यार्थियों से हमने संपर्क किया है, उनमें डर का भाव है। हमने आश्वासन दिया है कि वह डरें नहीं। जब भी कोई दिक्कत हो तो वह संपर्क कर सकते हैं।
- कनुप्रिया, अध्यक्ष, पीयूसीएससी
डरें नहीं, हम उनके साथ
कुछ विद्यार्थियों ने हमसे संपर्क साधा है और हम उनके संपर्क में हैं। हमने उन्हें कहा है कि पीयू में सभी शिक्षित लोग रहते हैं। यहां वह बिल्कुल डरें नहीं। कोई अप्रिय घटना होती है तो हम उनके साथ हैं।
- विजय कुमार, अध्यक्ष आइसा
सभी को दोषियों की तरह देखना गलत
पुलवामा की घटना के बाद सभी कश्मीरियों को दोषियों की तरह न देखा जाना चाहिए। पीयू के विद्यार्थी हमारे साथी हैं। मिल-जुलकर रहें। कोई दिक्कत होगी तो उनकी समस्या का हल किया जाएगा।
-कुलदीप पंघाल, अध्यक्ष एबीवीपी
शक की दृष्टि से न देखा जाए
कुछ लोग गलती करते हैं लेकिन दोषी सभी को समझ लिया जाता है। ऐसे में कश्मीरी विद्यार्थियों को शक की दृष्टि से न देखा जाना चाहिए। आपसी भाईचारे के साथ रहें। छात्रों को कोई परेशानी आए तो बताएं।
-अनुज सिंह, अध्यक्ष एनएसयूआई