फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्राइम ब्रांच नहीं साबित कर पाई आरोप, 70 इंजेक् शनों के साथ पकडा गया आरापी बरी

विज्ञापन
विज्ञापन
70 प्रतिबंधित इंजेक्शन के साथ पकड़ा गया आरोपी बरी
विज्ञापन


- क्राइम ब्रांच नहीं साबित कर पाई आरोप

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। 70 प्रतिबंधित इंजेक्शनों के साथ पकड़े गए आरोपी पर अदालत में क्राइम ब्रांच द्वारा केस साबित नहीं कर पाने पर एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एवं सेशन जज संजीव जोशी ने आरोपी को बरी कर दिया है। आरोपी की पहचान हल्लोमाजरा निवासी अमरजीत सिंह के रूप में हुई है। क्राइम ब्रांच ने उसे 29 जून, 2017 को 70 इंजेक्शनों के साथ गिरफ्तार किया था।
अदालत में आरोपी के वकील गुरदीत सिंह ने कहा कि मामले में आरोपी को फंसाया जा रहा है। वकील ने कहा कि मामले के आईओ ने कहा था कि जब आरोपी को पकड़ा गया तो उससे बरामद इंजेक्शन को दूसरे आईओ को बुलाकर सौंप दिया था। कहा कि यह कैसे हो सकता है कि मामले का एक आईओ दूसरे आईओ का नाम तक नहीं जानता। इसके अलावा तर्क दिया कि मामले में कोई भी स्वतंत्र गवाह नहीं बनाया गया जबकि वहां लोगों का आना जाना लगा रहता है। इसमें कहा गया कि जब पुलिस ने आरोपी को 100 से 150 मीटर की दूरी से ही आते हुए देख लिया था तो आरोपी ने भी पुलिस को देख लिया होगा तो वहा भागा क्यों नहीं। वकील ने कहा कि अमरजीत को इस मामले में फंसाया जा रहा है। बचाव पक्ष के वकील के तर्क सुनने के बाद अदालत ने सबूतों के अभाव में अमरजीत को बरी कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह है मामला
दायर मामले के अनुसार 29 जून 2017 को क्राइम ब्रांच में तैनात एसआई मेहर सिंह पुलिस पार्टी के साथ हल्लोमाजरा चौक पर तैनात थे। इस दौरान शाम करीब 6 बजे पर उन्होंने अपनी सरकारी गाड़ी को वहीं पार्क किया। इसके बाद वह पैदल ही हल्लोमाजरा से रामदरबार की तरफ गश्त करने लगे। इस दौरान उन्हें हल्लोमाजरा पर पड़ने वाले कच्चे रास्ते की तरफ से एक युवक आता हुआ दिखाई दिया। इसके दाएं हाथ में एक लिफाफा था। पुलिस पार्टी को शक हुआ कि उसके पास कोई चोरी हुई चीज हो सकती है, जिसने अपनी पहचान हल्लोमाजरा निवासी अमरजीत के रूप में बताई। बाद में उसके हाथ में पकड़े थैले को चेक किया गया, जिसे खोलने पर क्राइम ब्रांच की टीम को उसके अंदर से बुरेनोरफिन के 20 और फेनिरामाइन मेलिएट के 50 प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद हुए। इस संबंध में अमरजीत पुलिस को कोई भी लाइसेंस या परमिट नहीं दिखा सका। इसके बाद आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें