चंडीगढ़। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर वैज्ञानिकों को हरियाणा ?
चंडीगढ़। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर 11 वैज्ञानिकों को विज्ञान पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इतिहास में पहली बार दो महिला वैज्ञानिकों को हरियाणा विज्ञान पुरस्कार से नवाजा गया। सोमवार को साइंस एवं टेक्नोलॉजी विभाग द्वारा राजभवन में आयोजित हरियाणा विज्ञान रत्न एवं हरियाणा युवा विज्ञान रत्न पुरस्कार वितरण समारोह में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने यह पुरस्कार प्रदान किए। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल विज मौजूद रहे।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का स्कूल स्तर पर तंत्र विकसित किए जाने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच अनुसार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में देश को विश्व स्तर पर नई पहचान मिलेगी। जिससे ‘न्यू इंडिया मॉडर्न इंडिया’ का स्वरूप तैयार होगा। विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए एनसीआर क्षेत्र में 191 करोड़ रुपये की लागत से साइंस सिटी और 85 करोड़ रुपये की लागत से अंबाला में आर्यभट्ट विज्ञान केन्द्र स्थापित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि विज्ञान की असीमित जिज्ञासा अपने देश को प्रगति की ओर लेकर जाएगी। इसके लिए सरकार द्वारा स्कूल और कॉलेज स्तर पर विज्ञान की शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। मंत्री अनिल विज ने कहा कि भौतिकी में शोध के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा चिकित्सा शिक्षा से बुनियादी ढांचा बेहतर बनाया जा रहा है। ग्यारहवीं कक्षा से विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए 1 हजार से 3500 रुपये तक की छात्रवृत्ति और जिला स्तर पर विज्ञान प्रतियोगिताएं और साइंस कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है।
इन्हें सम्मान
हरियाणा के उत्कृष्ट वैज्ञानिक प्रो. नीरज जैन और प्रो. मुकेश जैन को 2019 के लिए, प्रो. मोती लाल मदान व डॉ. सुशीला मान को वर्ष 2020 के लिए, डॉ. चेतन प्रकाश कौशिक व डॉ. इलोरा सेन को वर्ष 2021 के लिए हरियाणा विज्ञान रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पुरस्कार के रूप में 4 लाख रुपये की नकद राशि, प्रशस्ति पत्र, ट्रॉफी व शॉल भेंट कर सम्मानित किया। डॉ. पूजा देवी व डॉ. राम जिवारी को वर्ष 2019 के लिए, डॉ. पवन कुमार व सतीश खुराना को वर्ष 2020 के लिए और डॉ. कल्पना नागपाल को वर्ष 2021 के लिए हरियाणा युवा विज्ञान रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपये की नकद राशि प्रशस्ति पत्र, ट्रॉफी व शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।