अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित गांवों में पिछले चार दिन में गांवों की सफाई और गाद निकालने पर 10.21 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने बताया कि बाढ़ के दौरान मरे पशुओं का वैज्ञानिक ढंग से निपटारा किया जा रहा है। विभिन्न गांवों में 259 पशुओं के निपटारे पर 17.54 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। बीडीपीओ या डीडीपीओ की अगुवाई में जिला-वार निगरानी उपकमेटियां 19 सितंबर से फील्ड निरीक्षण शुरू करेंगी। ये अधिकारी साप्ताहिक सत्यापन रिपोर्टें जमा करेंगे और फंड के उपयोग के संबंध में दस्तावेज जमा करवाएंगे। साथ ही कार्य होने से पहले व बाद की तस्वीरों को सुरक्षित रखेंगे।
मलबे की सफाई और पशु शवों का निपटारा 24 सितंबर तक कर लिया जाएगा। तालाबों की सफाई 22 अक्तूबर तक हो जाएगी। प्रभावित जिलों में साझा संपत्तियों की मरम्मत पर अब तक प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार 153.33 करोड़ खर्च आने का अनुमान है। साझा संपत्तियों की जरूरी मरम्मत 15 अक्तूबर तक पूरी कर ली जाएगी। इसके अलावा बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए 543 फॉगिंग मशीनें तैनात की जा चुकी हैं और 750 और मशीनों की तैनाती जल्द कर दी जाएगी।
सभी बाढ़ प्रभावित 2280 गांवों में ग्राम सभाएं भी बुलाई जा चुकी हैं। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ग्राम सभाओं की ये बैठकें की गई हैं। इन बैठकों में सबसे जरूरी कार्यों की पहचान कर उन्हें मंजूरी दी गई। एक बार कार्य पूरा होने के बाद खर्चों की समीक्षा और कार्य पूरा होने की पुष्टि के लिए दोबारा ग्राम सभा की बैठक बुलाई जाएगी।