पंचकूला। उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने वीरवार को 75 प्रतिशत से शत प्रतिशत तक निशक्त लोगों के लिए कानूनी अभिभावक व सह अभिभावकों के प्रमाण पत्र देने के बारे आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में कानूनी अभिभावक व सह अभिभावकों के लिए 10 आवेदन प्राप्त हुए।
बैठक में आईं सुनीता ने उपायुक्त को बताया कि उसके भाई की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसके माता-पिता भी नहीं है। वह स्वयं की देखभाल नहीं कर सकता। इसलिए वह अपने भाई की देखभाल के लिए उसकी अभिभावक बनकर उसको साथ रखना चाहती है। एक अन्य केस में श्रद्धा नाम की निशक्त महिला की मां ने बताया कि उसकी उम्र 70 वर्ष है। वह बुजुर्ग होने के कारण अपनी बेटी की ठीक से संभाल नहीं पाती। इसलिए वह अपनी बड़ी बेटी को निशक्त श्रद्धा की सह -अभिभावक बनाना चाहती है। इस पर उपायुक्त ने कहा कि जब तक हैं, आप अपनी बेटी को संभाले। उन्होंने बताया कि सह अभिभावक बनने के लिए कुछ मानदंड अलग है, जिसके बारे में कुछ क्लियर नहीं हुआ है। जैसे ही मानदंड साफ हो जाएंगे उनको लागू करने के बारे में विचार किया जाएगा।
निशक्त बच्चों के लिए एक लाख रुपये तक की इंश्योरेंस
उपायुक्त ने बताया कि मानसिक रूप से निशक्त बच्चों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना निरामय स्कीम भी लागू की गई है। इसके अंतर्गत जनरल कैटेगरी के बच्चों को एक लाख रुपये तक की इंश्योरेंस दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस इंश्योरेंस का सालाना चार्ज 500 रुपये रहेगा जबकि एक साल के बाद 250 रुपये की फीस भरकर इसका दोबारा से नवीनीकरण हो सकेगा। उन्होंने बताया कि इस स्कीम के अंतर्गत बीपीएल कार्डधारकों के लिए इस स्कीम में 250 रुपये की सालाना चार्ज किया जाएगा जबकि एक साल के बाद 50 रुपये का चार्ज देकर इसका नवीनीकरण हो सकेगा। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त निशा यादव, सदस्य सत्यपाल, सदस्य अंजू बनवाला, डीए मौजूद रहे।