जिला परिषद चेयरपर्सन व वाइस चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने से राजनीतिक हलचल तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिला परिषद चेयरपर्सन व वाइस चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चेयरपर्सन के विरोध में एकजुट हुए 15 जिला परिषद सदस्यों ने चेयरपर्सन पर ग्रांट में धांधली का आरोप लगाया है। सदस्यों का आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर जिला परिषद ग्रांट का दुरुपयोग किया गया है। चार साल पहले हुए कार्यों के फर्जी बिल बनाकर करोडों रुपये हड़पे गए हैं, जबकि उनके वार्डों में दो साल में कोई कार्य नहीं किया गया।दरअसल, सोमवार को जिला परिषद के 15 सदस्य चेयरपर्सन आरती तंवर व वाइस चेयरमैन विरेंद्र सिंह के खिलाफ लामबंद हुए। उन्होंने जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ को पत्र सौंपकर बैठक बुलाने के लिए कहा। जिला परिषद के नाराज सदस्यों का कहना है कि उनके वार्ड में पिछले दो साल में कोई काम नहीं हुआ। पार्षदों को ग्रांट नहीं दी जा रही है। चेयरपर्सन और वाइस चेयरमैन अपने-अपने वार्ड में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धनराशि का दुरुपयोग कर रहे हैं। बराबर ग्रांट दिए जाने को लेकर हुई बैठक में चेयरपर्सन और वाइस चेयरमैन ने सहमति जताई थी, लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं किया गया।
बता दें कि चेयरपर्सन आरती तंवर व वाइस चेयरमैन विरेंद्र सिंह के पक्ष में केवल सदस्य कुलवीर देशवाल व दीपक दो सदस्य बताए जा रहे हैं। चेयरपर्सन अन्य सदस्यों को मनाने के प्रयास में जुट गई हैं। इसके लिए भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का भी साथ लिया जा रहा है, परंतु अभी तक किसी भी सदस्य ने पाला नहीं बदला है। बताया जा रहा है कि 16वां सदस्य भी खिलाफत में जा सकता है।