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गर्मी बढ़ने के साथ ही अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या

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होडल अस्पताल में मरीजों की जांच करते चिकित्सक - फोटो : Palwal
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होडल। बढ़ते गर्मी के प्रकोप से हर कोई परेशान है। रविवार को थोड़ी गर्मी से राहत मिली थी, लेकिन सोमवार को फिर सूर्यदेव ने कड़े तेवर दिखाए। सोमवार को पलवल का अधिकतम तापमान 42 और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान बढ़ने का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखने लगा है। तेज धूप और गर्मी के कारण बच्चे डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में डायरिया के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। दूसरी तरफ बच्चे वायरल बुखार से ग्रसित हो रहे हैं। जुकाम के साथ बुखार से तप रहे बच्चों की संख्या भी बढ़ गई है।
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ओपीडी में ऐसे बच्चों की संख्या करीब 100 से ऊपर हो चुकी है। गर्मी बढ़ने से बीमारियों का असर शुरू हो गया है। अस्पताल पहुंच रहे नौनिहालों में उल्टी, दस्त, बुखार की शिकायत मिल रही है। चिकित्सक ने बताया कि पेट के निचले हिस्से में दर्द, पेट में मरोड़, उल्टी, बुखार और कमजोरी डायरिया के लक्षण हैं। शरीर में पानी की कमी होने के कारण ये दिक्कतें आने लगती हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बच्चे वायरल फीवर की चपेट आ रहे हैं। जुकाम के साथ बुखार और खांसी बच्चों के लिए मुसीबत बन गई।
ये सावधानी बरतें नागरिक
- धूप में घर से निकलने से बचें, बहुत जरूरी होने पर छाते का सहारा लें।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें। डायरिया जैसी स्थिति होने पर ओआरएस का प्रयोग करें।
- शुद्ध पानी का इस्तेमाल करें। पानी को उबालकर छानकर ठंडा करने के बाद पिएं।
- कटे हुए फल या खुले में रखे खाद्य पदार्थों के खाने से परहेज करें।
- निमोनिया व डायरिया से बचने के लिए सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- शुद्ध पानी पीएं और बासी खाने से परहेज करें।
- बच्चों को पंखे के नीचे न सुलाएं, गर्म कपड़े पहनाकर रखें।
- ठंडा पानी पिलाने से बचें, ताजा और गर्म खाना ही खिलाएं।
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गर्मी बढ़ते ही डायरिया के मरीजों की संख्या ओपीडी में ज्यादा हो गई। डायरिया से पीड़ित मरीजों में अधिक कमजोरी व चलने में असमर्थ रोगियों को भर्ती किया जा रहा है। इस समय शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें। इसके साथ-साथ बच्चों को वायरल फीवर ने भी जकड़ना शुरू कर दिया। बुखार से पीड़ित बच्चे इन दिनों ज्यादा आ रहे हैं।
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- डॉ. चरण गोपाल, एसएमओ
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