पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे धरने में किसानों ने ऐलान किया कि गणतंत्र दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रम में नेता-मंत्री द्वारा ध्वजारोहण का विरोध किया जाएगा। कोई भी प्रशासनिक अधिकारी व सामान्य व्यक्ति झंडा फहरा सकता है। इस संबंध में सोमवार को जिला उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। किसानों ने कहा कि 26 जनवरी को निकाले जाने वाली ट्रैक्टर रैली को लेकर पूरी तैयारी है। जिले के हजारों ट्रैक्टरों के साथ ही अन्य राज्यों के भी किसान शामिल होंगे।
केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर 2 दिसंबर से चल रहे धरने में शनिवार को नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 125वीं जयंती मनाई गई। राष्ट्रवादी विचार मंच के अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती के नेतृत्व में राजदेव नैष्ठिक व पंडित तुलाराम आर्य ने यज्ञ संपन्न कराया। बृजेश अटोंहा ने यजमान की भूमिका निभाई। श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस स्वाधीनता संग्राम रूपी यज्ञ के कुशल पुरोहित थे। उन्होंने स्वतंत्रता दिलवाने में अहम भूमिका निभाई। उनका नारा था तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा। उन्होंने कहा कि सरकार का गणतंत्र व लोकतंत्र में विश्वास नहीं है। 26 जनवरी की ट्रैक्टर रैली के बाद सरकार का घमंड टूट जाएगा। धरने की अध्यक्षता देवीराम सहरावत व संचालन रूपराम तेवतिया ने किया। इस मौके पर रतन सिंह सौरोत, दर्शन कौर अमृतसर, जगन्नाथ मिश्रा उड़ीसा, राजेश बहीन, बिजेंद्र सिंह आर्य, महेश अग्रवाल, सुरेंद्र चौहान, नरेंद्र शास्त्री, रमेश आर्य, रोहताश डागर, लाला डागर, बिजेंद्र सिंह तेवतिया, जयनारायण चौहान, चंद्रमुनी, ठाकुरलाल आर्य आदि मौजूद रहे।
ट्रैक्टरों से साथ ट्रॉली लाने की अपील
गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली को लेकर धरने में ज्यादा से ज्यादा संख्या में ट्रैक्टर लाने के लिए कहा गया। इस अवसर पर गांवों के हिसाब से आने वाले ट्रैक्टरों की सूची तैयार की गई। मास्टर महेंद्र चौहान ने किसानों से अपील की कि 26 जनवरी को गांव में एक भी ट्रैक्टर नहीं रहना चाहिए। पूरी ताकत से साथ ट्रैक्टर रैली का हिस्सा बने। प्रत्येक गांव से ट्रैक्टरों से साथ एक ट्रॉली भी लेकर आएं, जिससे कि महिला किसान भी बैठकर दिल्ली चलो रैली में हिस्सा ले सकें।
ट्रकों में पटना से पहुंचे किसान
शनिवार को ट्रकों में भरकर अमृतसर के किसान पटना से पलवल पहुंचे। कार सेवा भूरी वाले अमृतसर के नेतृत्व में हजारों की संख्या में संगत बिहार के पटना साहिब गुरुद्वारा गई थी, जहां किसानों ने गुरु गोबिंद सिंह की जयंती मनाई। शनिवार को बिहार से अमृतसर जाते समय धरने पर रुके। यात्रा का नेतृत्व जत्थेदार बाबा कश्मीर सिंह व बाबा सुखविंदर सिंह कर रहे थे। वहां उन्होंने अपने विचार रखे और लंगर छकने के बाद अमृतसर के लिए निकल गए।
जेएनयू के छात्र सीख रहे खेती का पाठ
दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से शनिवार को विद्यार्थियों का एक दल धरना स्थल पर पहुंचा। एग्रीकल्चर से पीएचडी कर रहे विद्यार्थियों ने किसानों से खेती के अनुभव सीखे। विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर विकास रावत के नेतृत्व में 12 विद्यार्थियों ने किसानों से घंटों बातचीत की। छात्रा सुविधा व छात्र पवन ने बताया कि वे विभिन्न राज्यों में जाकर किसानों से उनके खेती के अनुभव जानते हैं और उस पर नोट्स तैयार करते हैं।
सहरावत पाल ने दिया समर्थन, किसानों ने की भूख हड़ताल
सहरावत पाल ने ट्रैक्टर रैली निकालकर किसान धरने को समर्थन किया। इस अवसर पर 11 किसानों ने भूख हड़ताल जारी रखी। भूख हड़ताल करने वालों किसानों में अजीत अटाली, इंद्राज सिंह, डीके शर्मा, धारा सिंह, किशन सिंह चहल, डब्बू चहल, केशवदत्त शर्मा, बृजमोहन वशिष्ठ, डॉ. राजाराम मान, नंदलाल, ज्ञान देव वत्स शामिल थे।