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बारिश व तेज हवा से गेंहू की फसल गिरी

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होडल। जिले में बुधवार को तेज हवा के साथ हुई बारिश से काफी क्षेत्रों में गेहूं की फसल बिछ गई। हालांकि कुछ गांवों में बारिश से गेहूं की फसल को लाभ भी हुआ है। कृषि विभाग ने आगे भी 11 फरवरी तक बारिश होने की चेतावनी दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि आगे और बारिश होने से पकी हुई फसल को नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसानों को सावधान बरतने की सलाह दे रहे हैं।
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जिले में बुधवार को सर्वाधिक बारिश होडल में हुई। होडल में 8 एमएम बारिश नोट की गई। हसनपुर में 6, हथीन में 5 एमएम के अलावा पलवल 6 एमएम बारिश नोट की गई है। होडल क्षेत्र में बारिश से गेहूं की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। उसका कारण बारिश के साथ तेज हवा चलना रहा। इससे गेहूं और सरसों की फसल में नुकसान हुआ। गेहूं की फसल खेतों में हवा के चलते लेट गई। वहीं, सरसों की कटाई शुरू होने वाली है। हालांकि बारिश के बाद तापमान में तो सुधार हुआ। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले बुधवार को गिरावट के साथ 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, अधिकतम तापमान भी 2 डिग्री गिरावट के साथ 23 से 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा किलोमीटर प्रतिघंटा की औसत के साथ चली, जो शीतलहर में तब्दील हो गई। कृषि विभाग द्वारा जारी अनुमान के अनुसार आने वाले 24 घंटे में फिर से बूंदाबांदी हो सकती है। पहाड़ों में हो रही बर्फबारी के साथ चल रही उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने ठंड को बहुत अधिक बढ़ा दी।
कृषि विशेषज्ञ महावीर मलिक का कहना है कि 10 से 11 फरवरी तक जिले में ऐसा ही मौसम रहेगा। पिछले साल भी जनवरी महीने में इसी समय अच्छी बरसात हुई थी लेकिन फसल पकने के साथ हुई बारिश फसल के लिए नुकसानदेह है। मलिक का कहना है कि भारी व अगेती फसल में नुकसान होने की संभावना है यदि बारिश अधिक हुई तो फसल में अधिक नुकसान होगा ।तेज हवा के साथ फसल जमीन पर पूरी तरह से लेट गई है।
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अस्पताल में बढ़ी बीमार बच्चों की संख्या
ठंड बढ़ने के साथ ही बच्चे भी बीमार हो रहे हैं। उपमंडल नागरिक अस्पताल में भी ओपीडी अधिक बढ़ी है। डाक्टरों की माने तो बढ़ते ठंड के कारण बच्चे बीमार हो रहे है। अब बच्चे बुखार, जुकाम और खांसी की बीमारी से ग्रस्त हो रहे हैं। डाक्टरों की माने तो छोटे बच्चों को घर से बाहर न निकाले। नागरिक अस्पताल में बुधवार की ओपीडी की जिक्र करें तो बच्चों की ओपीडी 120 रही, जो पहले 60 थी। वहीं प्राइवेट अस्पतालों में बच्चों का इलाज करवाने के लिए लाइनों में लगना पड़ रहा है।
सर्दी से बचने के लिए ये ये करे उपाय
- ठंडी वस्तुओं का सेवन बंद करना चाहिए।
- एक साल तक बच्चों को घर के अंदर ही रखे।
- रात के समय कमरे को गर्म रखे।
- अगर बाहर आपातकालीन में जाना पड़े तो गर्म वस्त्र पहने।
- बच्चों को बिना चिकित्सक की सलाह लिए दवाइयां नहीं देनी चाहिए।
पिछले दो दिन से मौसम में आए बदलाव से बच्चे भी बीमार हो रहे है। इस समय बच्चे बुखार व खांसी की चपेट में आ रहे है। इसके लिए अभिभावकों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। बच्चे बीमार होने पर चिकित्सकों की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
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- डॉ. सतीश वर्मा, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, उपमंडल अस्पताल
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