जनस्वास्थ्य विभाग ने तीन हजार लोगों की समस्या को अनदेखा कर फेयरवेल पार्टी को दी प्राथमिकता
- अस्पताल की मोटर खराब, मरीज के परिजनों को आसपास की दुकानों से बोतल का पानी खरीदकर लाना पड़ा
- अधिकारियों को मोटर की तार ठीक करने के लिए फोन किया, तो जवाब मिला कि आज फेयरवेल पार्टी चल रही है, पार्टी खत्म होने के बाद ही कर्मचारी आएंगे, अभी सब व्यस्त हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, जिला नागरिक अस्पताल पलवल में सोमवार को भारी अव्यवस्था देखने को मिली जब जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की लापरवाही और चोरों की करतूत के चलते अस्पताल की जलापूर्ति ठप हो गई। इससे करीब 3000 मरीजों और उनके परिजनों को भीषण गर्मी में एक बूंद पानी के लिए तरसना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात अस्पताल परिसर में अज्ञात चोरों ने पानी सप्लाई करने वाली मुख्य मोटर की विद्युत तार काटकर चोरी कर लीं। इस कारण मोटर चालू नहीं हो सकी और सोमवार सुबह से ही अस्पताल की पानी की टंकी नहीं भर पाई। इसका सीधा असर अस्पताल की सभी सेवाओं पर पड़ा। वहीं, जब इस बारे में जन स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया गया तो उन्होंने तीन हजार लोगों की समस्या को अनदेखा कर विभाग में चल रहे विदाई समारोह को प्राथमिकता दी। विभाग की इस लापरवाही के कारण लोगों को पानी खरीदकर पीना पड़ा, जो अस्पताल में मुफ्त की दवा लेने आए थे।
गर्मी से बेहाल लोग इधर-उधर पानी की तलाश में भटकते रहे
सोमवार को आमतौर पर अस्पताल में मरीजों की सबसे अधिक भीड़ रहती है। अस्पताल में तैनात एक सुपरवाइजर ने जब सोमवार सुबह विभाग के जेई व अन्य अधिकारियों को मोटर की तार ठीक करने के लिए फोन किया तो जवाब मिला कि आज फेयरवेल पार्टी चल रही है, आज काम नहीं होगा। पार्टी खत्म होने के बाद ही कर्मचारी आएंगे, अभी सब व्यस्त हैं। इस जवाब ने मरीजों और अस्पताल कर्मियों की परेशानी को और बढ़ा दिया। इस लापरवाह रवैये का खामियाजा अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ा। ओपीडी, इमरजेंसी, सर्जरी और महिला वार्ड समेत सभी जगह पानी का संकट बना रहा। गर्मी से बेहाल लोग इधर-उधर पानी की तलाश में भटकते रहे। मरीजों के परिजनों को आसपास की दुकानों से बोतल का पानी खरीदकर लाना पड़ा। अस्पताल में पीने का पानी, हाथ धोने, शौचालयों की सफाई तक बाधित रही। एक नर्स ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि साफ-सफाई करना भी मुश्किल हो गया, संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
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हमें सोमवार सुबह अस्पताल में जल आपूर्ति बाधित होने की सूचना मिली। जब इस संबंध में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से संपर्क किया गया तो बताया गया कि कर्मचारी को तकनीकी कारणों से कुछ देर लगेगी। हमने विभाग को लिखित शिकायत भेज दी है और मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। भविष्य में ऐसी स्थिति न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। - डॉ. जयभगवान जाटान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी