हथीन। पिछले पांच साल से हथीन बाईपास निर्माण की बाट जोह रहे क्षेत्र के लोगों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। ऐसा मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा इस बाईपास के लिए बजट देने से मना करने के कारण है। मुख्यमंत्री ने हथीन बाईपास निर्माण के लिए तय बजट राशि को फिलहाल देने से स्पष्ट मना कर दिया है तथा विधानसभा चुनाव के बाद बजट उपलब्ध कराने को कहा है। इससे बाईपास निर्माण परियोजना अब पूरी तरह से रुक गई है। इस बात की पुष्टी हाल ही में विधानसभा से इस्तीफा देने के बाद इनेलो छोड़ भाजपा में शामिल हुए निवर्तमान विधायक व भाजपा के वरिष्ठ नेता केहर सिंह रावत ने की है।
वर्ष 2015 में हुई थी बाईपास निर्माण की घोषणा
मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा वर्ष 2015 में हथीन में आयोजित विकास रैली में हथीन बाईपास निर्माण की घोषणा की थी। इसके लिए सरकार द्वारा 59 करोड़ रुपये की राशि मंजूर करने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद उस समय पलवल में उपायुक्त रहे अशोक कुमार शर्मा ने सारी प्रक्रिया पूरी करा फाइल तैयार कर सरकार को मंजूरी के लिए भिजवा दी थी। सरकार द्वारा उसे मंजूरी दे दी गई थी, लेकिन उस समय किसान अपनी जमीन देने को तैयार नहीं थे तथा निर्माण लटक गया था। बाद में तत्कालीन जिला उपायुक्त डा. मनीराम शर्मा ने उन किसानों को अधिग्रहण के लिए सहमत कर लिया था, जिनकी भूमि इस परियोजना के ली जानी थी। जिसके बाद राज्य मुख्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद जिला उपायुक्त रहे डा. मनीराम शर्मा ने अधिग्रहण होने वाली भूमि के मूल्य निर्धारित कर अवार्ड भी घोषित कर दिया था। जिसे संबंधित भूमि पोर्टल पर भी डाल दिया गया था।
बाद में जिला प्रशासन ने सभी औपचारिक वैधानिक कार्यवाही कर बजट आवंटन के लिए राज्य मुख्यालय को भेज दिया। लोकसभा चुनाव से पहले स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कई बार मुख्यमंत्री से उक्त परियोजना के लिए बजट आवंटन की अपील की। उस समय मुख्यमंत्री ने लोकसभा चुनाव के बाद बजट आवंटन करने को कहा था। चुनाव के बाद इस बारे में भाजपा पूर्व सैनिक मोर्चा के प्रदेश सह संयोजक कर्नल राजेन्द्र सिंह रावत इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल और लोकनिर्माण मंत्री नरवीर से मिले। मुख्यमंत्री ने बजट आवंटन का विश्वास दिलाया कि शीघ्र ही बजट आवंटित कर दिया जाएगा। लेकिन बजट आवंटन नहीं हुआ।
निवर्तमान विधायक मिले मुख्यमंत्री से
इस मामले में लोकसभा चुनावों के दौरान विधानसभा से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए इनेलो विधायक केहर सिंह रावत भी बुधवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिले। उन्होंने मुख्यमंत्री से बाईपास निर्माण के लिए बजट राशि दिलवाने की मांग रखी। केहर सिंह रावत ने अमर उजाला को बताया कि मुख्यमंत्री ने फिलहाल बजट आवंटन कराने से मना कर दिया है। मुख्यमंत्री ने रावत से कहा है कि बाईपास निर्माण के लिए विधानसभा चुनाव के बाद बजट आवंटन किया जाएगा। केहर सिंह रावत ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के दिनों में बाईपास नही बन सकता। अब इसके लिए बजट विधानसभा चुनाव के बाद आवंटित कर दिया जाएगा।
विपक्षियों ने लिया आड़े हाथ
इस तरह म़ुख्यमंत्री द्वारा अपनी घोषणाओं के लिए ही बजट राशि आवंटन करने से मना करने पर विपक्षी राजनैतिक दलों ने इसे मुद्दा बनाना शुरू कर दिया है। विपक्षी राजनैतिक दलों के नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री ही नहीं भाजपा के हर नेता का यही हाल है। उधर आम लोगों में भी इस बात को लेकर सरकार के खिलाफ रोष बन गया है।