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ट्रक ने मोटरसाइकिल सवार युवक को कुचला, पुलिसकर्मियों पर हिंसक हुए ग्रामीण

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ट्रक के सामने फंसी बाइक को देखते लोग। - फोटो : Palwal
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पलवल। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 स्थित आल्हापुर फ्लाईओवर के पास शनिवार सुबह ट्रक से कुचलकर युवक की मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने भारी हंगामा करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने यातायात पुलिस के बूथ को तोड़ दिया। जाम के दौरान पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों में कई बार झड़प हुई। इससे चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। हादसे में घायल एक युवक व पुलिसकर्मियों को जिला नागरिक अस्पताल भिजवाया गया। युवक की हालत गंभीर होने पर उसे अन्यत्र रेफर कर दिया। आखिर एसडीएम के समझाने पर लोग माने और करीब पांच घंटे बाद जाम खोल दिया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल भेजा है।
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भवन कुंड चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने बताया कि गांव फिरोजपुर निवासी प्रेमचंद ने शिकायत में कहा कि उसके भाई महेंद्र का पोता पवन कुमार (21) अपने दोस्त विकास पुत्र सतीश के साथ मोटरसाइकिल पर पलवल जा रहा था। करीब साढे़ 10 बजे आल्हापुर फ्लाईओवर के पास सर्विस लेन पर दोनों युवक ट्रक की चपेट में आ गए। विकास उछलकर गिर गया, जबकि ट्रक मोटरसाइकिल को करीब 100 मीटर तक घसीट ले गया। इस दौरान पवन पहिये के नीचे आ गया और मौेके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रक चालक फरार हो गया। इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग राजमार्ग पर इकट्ठा हो गए और शव रखकर जाम लगा दिया। शिकायत में कहा गया कि हादसा पुल के समीप बने पुलिस बूथ पर तैनात पुलिस कर्मियों द्वारा गलत तरीके से ट्रक को रुकवाने के कारण हुआ। इसलिए बूथ पर तैनात एसपीओ जगवीर, होमगार्ड धीरज, सुरेश व आशाराम के खिलाफ कार्रवाई की जाए। डीएसपी यशपाल खटाना ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। घायल युवक का एक निजी अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है। अभी तक मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने किया हंगामा, पांच घंटे तक जाम रहा राष्ट्रीय राजमार्ग
राष्ट्रीय राजमार्ग-19 स्थित आल्हापुर फ्लाईओवर के पास हादसे में युवक की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने करीब पांच घंटे राष्ट्रीय राजमार्ग जाम रखा। सुबह करीब साढे़ 11 बजे हाईवे को जाम किया गया। वाहनों की लंबी कतारें लगने पर जाम खुलवाने के लिए डीएसपी यशपाल खटाना मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। ग्रामीण मौके पर डीसी व एसपी को बुलाने की मांग करने लगे। बाद में एसडीएम वैशाली सिंह पहुंची और जाम खुलवाने का प्रयास किया। परिजनों ने एसडीएम से पवन के छोटे भाई व घायल युवक के लिए नौकरी, पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई, नो एंट्री के बूथ को स्थानांतरित कर बघौला पहुंचाने तथा दोनों परिवारों को आर्थिक मदद की मांग की। एसडीएम ने जिला उपायुक्त कृष्ण कुमार से फोन पर संपर्क कर सभी मांगों को पूरा करवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद शाम करीब साढे़ चार बजे जाम खोल दिया। इससे पहले जाम लगाने के दौरान ग्रामीणों ने नो एंट्री के लिए लगाए गए पुलिस बूथ को क्षतिग्रस्त कर दिया और उसे पलट कर रोड के बीचोंबीच फेंक दिया। ग्रामीणों ने उन्हें समझा रहे पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट की। इस दौरान चार पुलिस कर्मी घायल हो गए। एक पुलिसकर्मी के सिर पर गंभीर चोट आई।
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पवन के परिवार को पांच लाख और भाई को नौकरी
जिला प्रशासन ने मृतक पवन के परिवार को पांच लाख की आर्थिक मदद व छोटे भाई को डीसी रेट पर नौकरी देने का परिजनों को लिखित में आश्वासन दिया गया। इसके अलावा घायल विकास को दो लाख रुपये की आर्थिक मदद देने व डीसी रेट पर नौकरी का आश्वासन दिया।
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