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दो दिन में तेज बुखार से तीन बच्चों की मौत, हथीन के मठेपुर में एक और सांपनकी में दो मासूमों की गई जान

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गांव छांयसा में बुखार के मरीजों को दवा देने के लिए बैठा स्वास्थ्य स्टाफ - फोटो : Palwal
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हथीन। उपमंडल के मठेपुर और सांपनकी गांवों में तेज बुखार से दो बच्चों की मौत हो गई। वहीं, सांपनकी में सोमवार शाम को एक वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। गांव मठेपुर निवासी साबिर खान ने बताया कि उनके गांव में तेज बुखार के कारण साहुन के पुत्र शाहवान की मौत हो गई। उसे कई दिनों से बुखार था। निजी डॉक्टरों से इलाज चल रहा था। गांव सांपनकी में पांचवी कक्षा की छात्रा आरिफ की पुत्री सरबरी की मौत हो गई।
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गांव निवासी किसान जन हित समिति के जिला प्रधान अमरू पहलवान ने बताया कि बच्ची को इलाज के लिए नल्हड़ मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था, जहां मंगलवार को उसकी मौत हो गई। इससे पूर्व इसी गांव में सोमवार को इरशाद की एक वर्षीय पुत्री अनसिफा की तेज बुखार से मौत हो गई। अमरू पहलवान ने बताया कि उनके गांव में भारी संख्या में बुखार के मरीज हैं। वहीं, मठेपुर गांव के साबिर खान ने बताया कि उनके गांव में कोई ऐसा घर नहीं है, जहां बुखार के मरीज न हो। उन्होंने मांग की है कि अविलंब दोनों गांवों में ओपीडी स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की जाएं। इस बारे में प्रवर चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि मौत के कारणों का पता किया जा रहा है।
छांयसा गांव में बुखार के 24 नए मरीज मिले
गांव छांयसा में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों को बुखार के 24 नए मरीज मिले। सभी मरीजों की मलेरिया जांच के लिए ब्लड स्लाइड बनाई गई हैं। इसके अतिरिक्त पांच मरीजों की प्लेटलेट्स जांचने के लिए सैंपल लिए गए हैं। कोविड जांच के लिए 21 मरीजों के नमूने लैब में भेजे गए हैं। प्रवर चिकित्सा अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि डेंगू की जांच के लिए भी दो मरीजों के सैंपल लिए गए हैं। छांयसा गांव की अस्थायी ओपीडी में कुल 57 लोग आए। डायरिया के भी मरीज मिले हैं। वहीं, चिल्ली गांव के अस्थायी ओपीडी में मंगलवार को बुखार के मात्र पांच नए मरीज मिले। प्रवर विजय कुमार ने बताया कि घर-घर थर्मल स्क्रीनिंग का कार्य दोनो गांवों में निरंतर जारी है। फॉगिंग एवं मच्छर मार दवाई का भी छिड़काव किया जा रहा है।
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छांयसा में 24 घंटे ओपीडी सेवा
सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप ने मंगलवार को गांव छांयसा का दौरा किया। उन्होंने सीएचसी हथीन के एसएमओ डॉ. विजय व एमओ इंचार्ज पीएचसी छांयसा को आदेश दिए कि गांव में डॉक्टरों की टीम निरंतर कार्य कर सभी समस्याओं का समाधान कराए। उन्होंने कहा कि आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर निरंतर जांच की जा रही है। जहां पर बुखार के मरीज मिल रहे हैं, उनके सैंपल लेकर तुरंत इलाज शुरू किया जाए। गांव छांयसा में 24 घंटे ओपीडी निरंतर चल रही है। 4 बेड की आईपीडी फैसिलिटी भी शुरू कर दी गई है। मेडिकल शिविर भी लगाए जा रहे हैं। ये सभी कार्य डॉ. राजीव बातिश जिला मलेरिया अधिकारी की निगरानी में किए जा रहे हैं। सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है। सर्वे के बारे में ज्ञात हुआ कि गांव में जगह-जगह बहुत गंदगी फैली है। वहां के लोगों की गंदगी व दूषित पानी पीने से इम्यूनिटी वीक होने की वजह से ज्यादातर लोग बुखार से पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि छांयसा में जगह-जगह गड्डे-कीचड़ हैं। इस कारण मच्छर पनप रहे हैं।
अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टी रद्द
सिविल सर्जन ने हथीन में स्वास्थ्य विभाग के कार्यरत सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी है। सभी को गांवों में लोगों की जांच करने व सर्वे कराने के आदेश दिए गए हैं। घर-घर जाकर हेल्थ टीम द्वारा ब्लड सैंपल लिए जा रहे हैं और मरीजों का उपचार किया जा रहा है। छांयसा के साथ-साथ स्वामीका, गांव मानपुर, गांव धीरंकी में भी लगातार फॉगिंग करवाई जा रही है।
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