पलवल। सीएम साहब पलवल तहसील कार्यालय में भी नजर डाल दें, यहां रोजाना रात के अंधेरे में जमीनों की रजिस्ट्रियां हो रही हैं। प्रापर्टी डीलरों द्वारा अधिकारियों से मिलीभगत कर तहसील कार्यालय बंद होने के बाद टार्च की रोशनी में जमीनों की रजिस्ट्रियां कराई जाती है। मुख्यमंत्री को यह शिकायत एक व्यक्ति ने ट्विटर पर रात के समय की जा रही रजिस्ट्री के फोटो खींचकर पोस्ट की है। मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री के ट्विटर पर की गई इस पोस्ट के बाद पलवल तहसील में 6 जनवरी को की गई रजिस्ट्रियों की जांच शुरू हो गई है। उपायुक्त ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है।
पलवल तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार के कई मामले उजागर होने के बाद भी गलत तरीके से तहसील कार्यालय में जमीनों की रजिस्ट्री होने का सिलसिला जारी है। 6 जनवरी बृहस्पतिवार को भी पलवल तहसील कार्यालय में ऐसा ही नजारा देखने को मिला। तहसील कार्यालय बंद होने के बाद शाम करीब 6 बजे अचानक करीब छह से ज्यादा प्रापर्टी डीलर तहसील में पहुंच गए। प्रापर्टी डीलरों के पहुंचते ही चारों तरफ से गेट बंद कर दिया गया तथा सभी लाइटें बंद कर दी गईं। बाद में प्रापर्टी डीलरों ने मोबाइल फोन की टार्च जला दी तथा मोबाइल की रोशनी में रजिस्ट्री शुरू हो गई। इस बात की जानकारी जैसे ही कुछ अन्य लोगों को मिली तो वे भी मौके पर तहसील कार्यालय में पहुंच गए तथा उन्होंने तहसील में हो रही रजिस्ट्री की फोटो खींचनी शुरू कर दी। ये देख रजिस्ट्री करा रहे प्रापर्टी डीलर, तहसीलदार व तहसील कर्मचारी कार्यालय छोड़कर भाग लिए। 10 मिनट के अंदर सारा तहसील कार्यालय खाली हो गया। तहसील कार्यालय में इस तरह से कार्यालय बंद होने के बाद की जा रही रजिस्ट्री के समय की प्रापर्टी डीलरों की फोटो खींचकर मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री के ट्विटर पर पोस्ट डालकर शिकायत की गई है। सीएम व उप सीएम के ट्विटर पर शिकायत के बाद तहसील कार्यालय में तथा रजिस्ट्री कराने वाले डीलरों में हड़कंप मचा हुआ है।
40 एकड़ जमीन की हुई रजिस्ट्री
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तहसील कार्यालय बंद होने के बाद मोबाइल की रोशनी में प्रापर्टी डीलरों द्वारा अधिकारियों व कर्मचारियों से मिलीभगत कर करीब 40 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री की गई है। बताया गया कि यह जमीन गारेका (अल्लीका) क्षेत्र की है। सूत्रों के अनुसार किसानों से इस जमीन का एग्रीमेंट कम कीमत पर किया गया है, जबकि आगे गुरुग्राम और नोएडा के उद्यमियों को यह जमीन अधिक दामों में बेचकर रजिस्ट्री कराई गई है। इतना ही नहीं तहसील कार्यालय में हुई इस रजिस्ट्री को पुराने सर्कल रेट पर किया गया है।
जिस तरह से रात के अंधेरे में जमीनों की रजिस्ट्री की जा रही है, उसकी शिकायत मैंने सीएम व उपमुख्यमंत्री से ट्विटर पर की है। इसके अलावा मैंने 6 जनवरी को हुई सभी रजिस्ट्रियों की नकल लेने के लिए आरटीआई लगा रहा हूं तथा पहले क्या सर्कल रेट था और अब क्या सर्कल रेट है, उसकी भी जानकारी मांग रहा हूं। मेरे पास उस एग्रीमेंट की भी कापी है, जो किसानों से किया गया है तथा आगे प्रापर्टी डीलर अधिकारियों से मिलकर किस तरह से गड़बड़ कर रहे हैं। इसे लेकर मैं अदालत का भी सहारा लूंगा।
-तरुण, पलवल
दिन में रजिस्ट्री कराने के लिए लोग लाइन में लगे थे। समय अधिक होने के कारण कार्यालय बंद होने के बाद तक रजिस्ट्री की गई है। गलत तरीके से रजिस्ट्री नहीं कराई गई है।
- संजीव नागर, तहसीलदार
मेरी जानकारी में यह मामला आया है। मैं इस बाबत जांच करा रहा हूं कि कार्यालय बंद होने के बाद आखिर ऐसी क्या जल्दबाजी थी कि जमीन की रजिस्ट्री कराई जा रही थी। इस मामले में जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिन जमीन की रजिस्ट्री हुई है, उसकी भी जांच की जाएगी।
- कृष्ण कुमार, उपायुक्त पलवल