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एकता की ताकत ने प्रशासन को झुकाया

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धरना देते किसान। - फोटो : Palwal
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पलवल। केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर पिछले करीब 10 माह से धरने पर बैठे किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 27 सितंबर को भारत बंद सफल बनाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। धरने पर पहुंचने वाले किसानों से गांवों में भारत बंद को लेकर लोगों को जागरूक करने की अपील की जा रही है। साथ ही ज्यादा से ज्यादा संख्या में धरने में पहुंचने का आह्वान भी किया गया। करनाल में प्रशासन और किसानों के बीच बनी सहमति पर कृषकों ने कहा कि एकता की ताकत ने प्रशासन को झुकने पर मजबूर कर दिया।
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किसान नेता रतन सिंह सौरोत और मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज किया गया था। इसके विरोध में किसानों ने जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी किसानों ने विरोध करना बंद नहीं किया। किसानों ने अपनी एकता की ताकत से प्रशासन को बातचीत के लिए मजबूर कर दिया। प्रशासन ने किसानों की मांगे मानते हुए विरोध प्रदर्शन खत्म कराया है। किसानों पर हुए लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कराने व शहीद किसानों को मुआवजा देने की मांग को भी पूरा किया गया। इससे एक बार फिर किसानों की जीत हुई है। स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि पलवल के किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा के सभी आह्वानों को पूरा किया है। अब किसान 27 सितंबर को भारत बंद में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर उसे सफल बनाएंगे। धरने की अध्यक्षता नानक सरपंच मर्रोली ने की, जबकि संचालन दरियाब सिंह ने किया। किसान और कर्मचारी नेता श्रीपाल सिंह भाटी, रूपराम तेवतिया, ताराचंद, राजेंद्र बैंसाल, नरेंद्र सहरावत, महावीर मलिक, बीधू सिंह, श्रीचंद चौहान, राजेंद्र सरपंच, अच्छेलाल जोधपुर, इंदर रावत, बृजलाल, चंद्रमुनि, किशन ने भी धरने को संबोधित किया।
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