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तीसरी बार आई जांच टीम ने बयान दर्ज किए

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पलवल। कोरोना काल के दौरान हुआ मनरेगा घोटाला अधिकारियों के गले की फांस बन गया है। कई चरणों में घोटाले की जांच कराने के बाद भी घोटालेबाजों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। बुधवार देर शाम तीसरी बार चंडीगढ़ से विजीलेंस टीम पलवल जांच के लिए पहुंची। टीम ने बृहस्पतिवार सुबह पलवल विश्राम गृह में मामले से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों व ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। इससे पहले दो बार गांवों में जाकर कार्यों की जांच कर चुकी हैं। घोटाले में चांदहट व हथीन थाना में जिला विजिलेंस कमेटी के अध्यक्ष व एडीसी उत्तम सिंह द्वारा मुकदमे भी दर्ज कराए गए हैं।
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बृहस्पतिवार को विजिलेंस जांच टीम में शामिल पंचायत विकास विभाग के उप निदेशक निर्मल नागर, सिस्टम एनालिस्ट संदीप वाही, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर ईश्वर सिंह के नेतृत्व में पलवल विश्राम गृह में कार्रवाई जारी रखी गई। पलवल, होडल, हथीन, हसनपुर व बडौली खंड में मनरेगा के कार्यों में पाई गई अनियमितताओं को लेकर बयान दर्ज किए गए। इस दौरान अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ-साथ शिकायतकर्ताओं के भी बयान दर्ज किए। जिला विजिलेंस कमेटी के अध्यक्ष उत्तम सिंह द्वारा गठित कमेटी भी मौके पर मौजूद रही। इससे पहले दो बार टीम गांवों में जाकर कार्यों की जांच कर चुकी है। कार्यों में अनियमितताएं पाए जाने पर बार-बार जांच की जा रही है।
दरअसल, पलवल जिले में कोरोना काल के दौरान 2020 व 2021 में मनरेगा के तहत हुए कार्यों में अनियमितताएं बरती गईं। जिला परिषद के सीईओ द्वारा की गई जांच में घोटाला उजागर हुआ तो उन्होंने आठ कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। उसके बाद आठ कर्मचारियों ने स्वेच्छा से इस्तीफा दे दिया। सीईओ ने 66 गांवों की जांच की। उसके बाद मनरेगा लोकपाल पंकज शर्मा ने कार्यों की जांच शुरू की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। पंचायत विभाग ने सरपंचों के साथ मिलकर करोड़ों रुपये कार्यों के नाम पर निकाल लिए, परंतु मौके पर कहीं काम नहीं पाए गए। कुल 3227 कार्य दिखाए गए, परंतु मेजरमेंट बुक (एमबी) केवल 86 की मिली। फर्जी मेजरमेंट बुक भरकर राशि निकाली गई। मेजरमेंट बुक में एक रास्ते को कई-कई बार बना हुआ दिखाया गया तथा नाबालिग बच्चों व बुजुर्गों के फर्जी जॉब कार्ड बनाने का भी खुलासा हुआ।
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अनियमितताएं मिलने पर चार बार हुई है कार्रवाई
मनरेगा लोकपाल पंकज शर्मा ने गांव नांगल ब्राह्मण में हुए पार्क बनाने में हुए घोटाले में पूर्व सरपंच सहित आठ कर्मचारियों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना किया। उसके बाद गांव हुड़ीथल में रास्ता बनाने में हुए घोटाले में पांच कर्मचारियों पर एक-एक हजार जुर्माना करते हुए 3.61 लाख रुपये वसूलने के निर्देश दिए गए। उसके बाद जिला विजिलेंस कमेटी के अध्यक्ष व एडीसी उत्तम सिंह ने हसनपुर रजवाहे की सफाई में हुए घोटाले में चांदहट थाने में मुकदमा दर्ज कराया। वहीं, बुधवार रात गांव कुकरचाटी में हुए कार्यों मिली अनियमितताओं को लेकर हथीन थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों बार मुकदमों में घोटालेबाजों के नाम नहीं दिए गए हैं।
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