ओपन बुक एग्जाम : उत्तर पुस्तिकाएं अपलोड करने में छूटे पसीने
नई दिल्ली। हाईकोर्ट की मंजूरी के बाद डीयू में अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए शुरू हुए ओपन बुक एग्जाम का पहला दिन काफी कठिन रहा। कहीं उत्तर पुस्तिकाएं अपलोड करने में दिक्कत हुई, तो किसी को कन्फर्मेशन स्लिप नहीं मिली, किसी ने पेपर कठिन होने की शिकायत की तो, कहीं दोपहर को शुरू होने वाले पेपर का प्रश्न पत्र सुबह के स्लॉट में भेज दिया। सर्वाधिक शिकायतें उत्तर पुस्तिकाएं अपलोड नहीं होने को लेकर ही रही। वहीं वेबसाइट खोलने में भी दिक्कत हुई।
ओपन बुक की परीक्षा तीन पालियों में हुई। पहली पाली की शुरुआत सुबह 7.30 बजे से हुई। एसओएल के अंतिम वर्ष के एक विद्यार्थी ने बताया कि मेरी हिंदी की परीक्षा थी, जब पोर्टल पर प्रश्न पत्र डाउनलोड करना चाहा तो दो प्रश्न पत्र पोर्टल पर थे। ऐसे में मेरे लिए भ्रम की स्थिति बन गई कि मुझे कौन सा प्रश्न पत्र हल करना है। प्रशासन को मेल भी भेजा, लेकिन जवाब नहीं मिला फिर एक शिक्षक ने उन्हें सोमवार के लिए निर्धारित पेपर को हल करने की सलाह दी। वहीं विद्यार्थियों ने फिजिकल साइंस और जूलॉजी का पेपर कठिन होने की शिकायत की।
समय पर अपलोड नहीं कर पाए विद्यार्थी
एक अन्य विद्यार्थी ने बताया कि प्रश्नपत्र पोर्टल पर जाकर डाउनलोड कर लिया, लेकिन उत्तर पुस्तिका को अपलोड करने में सबसे ज्यादा परेशानी हुई। उत्तर पुस्तिका की पीडीएफ फाइल बनाने में 11.20 से अधिक का समय हो गया था, लेकिन वह अपलोड नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि अपलोड नहीं होने पर उन्होंने अपनी उत्तर पुस्तिका जारी किए गए मेल पर भेज दी, लेकिन वह असमंजस में है कि फाइल मिली होगी या नहीं या उसे स्वीकार किया जाएगा या नहीं।
अपलोड करने के बाद नहीं मिला कन्फर्मेशन मेल
एक शिक्षक ने बताया कि उनकी कक्षा के अधिकतर विद्यार्थियों ने इस बात की शिकायत की है कि उत्तर पुस्तिका पोर्टल पर अपलोड करने के बाद उन्हें कन्फर्मेशन मेल नहीं मिला। इसको लेकर विद्यार्थी परेशान हैं। हालांकि वे अपनी उत्तर पुस्तिका को मेल से भेज दिया।
शिक्षकों ने कहा-
राजधानी कॉलेज के शिक्षक पंकज गर्ग ने कहा कि विद्यार्थियों को मुख्य समस्या उत्तर पुस्तिकाओं को अपलोड करने में आई। मिरांडा हाउस में शिक्षक आभा देव के अनुसार, अधिक समस्या उत्तर पुस्तिकाओं को अपलोड करने में आई। इस कारण से विद्यार्थी इस बात को लेकर चिंतित रहे कि उत्तर पुस्तिका पहुंची है या नहीं।