हथीन। मौसम ने करवट बदली है। मंगलवार सुबह बादल घिर आए और बादलों के बीच में सूर्य छिपा रहा। धूप कुछ मिनटों के लिए ही खिली। मंद-मंद चल रही सर्द हवा से ठिठुरन बढ़ने लगी हैं। वृद्ध और बच्चों के मौसमी बीमारियों की चपेट में आने का खतरा बढ़ गया है। न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस मापा गया, जबकि अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम में फिर बदलाव आया है। सुबह से ही बादल उमड़ने-घुमड़ने लगे थे। सूरज दिख भी रहा था तो धूप में दम नहीं था। दिनभर बादलों और सूरज में लुकाछिपी चलती रही। न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस से गिरकर आठ डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी के साथ 18 डिग्री सेल्सियस मापा गया। कामकाजी लोग तो समय पर घर से बाहर निकले परंतु अन्य लोग कम संख्या में ही बाहर निकले। बाजार में सुबह भीड़ कम थी, दोपहर में इसमें इजाफा हो गया और शाम होने के साथ ही बाजारों में सन्नाटा पसरने लगा। गर्म कपड़ों की बिक्री में तेजी आई। पहाड़ों पर बदले हुए मौसम का असर यहां भी पड़ने लगा है। अभी ठंड और बढ़ेगी। तापमान के उतार-चढ़ाव से मौसमी बीमारियों के बढ़ने का खतरा भी बढ़ गया है।
वृद्ध और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतें। ठंड में बाहर निकलने से बचें। बच्चों को पूरे कपड़ों में ढांपकर रखें।
- विजय कुमार, सीनियर मेडिकल अफसर
किसानों की बढ़ गईं चिताएं
मौसम के रुख से किसानों की चिताएं बढ़ गई हैं। गेहूं उत्पादक किसानों को बढ़ती सर्दी अनुकूल रहेगी। ठंड से गेहूं की फसल को फायदा पहुंचेगा। सरसों उत्पादक किसानों को फसल सुरक्षा के उपाय करने की सलाह विशेषज्ञ दे रहे हैं। लगातार बादल छाए रहने और धूप न खिलने पर झुलसा और माहू का खतरा बढ़ जाएगा। ऐसे में फसलों में नुकसान हो सकता है। ठंड से बचाव को लेकर गांवों में ग्रामीण आग जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। मवेशियों को बचाने के लिए पशुपालकों ने टीन-टप्पर में तिरपाल टांग दी है।