पंचायत भवन में आयोजित खुले दरबार में समस्या सुनते राज्य आयुक्त राजकुमार मक्कड़।
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पलवल। हरियाणा के दिव्यांगजन राज्य आयुक्त राजकुमार मक्कड़ ने रविवार को महात्मा गांधी सामुदायिक केंद्र एवं किसान पंचायत भवन में अखिल भारतीय दिव्यांग परिषद द्वारा आयोजित खुला दरबार तथा जागरूकता शिविर में लोगों को संबोधित किया। इस दौरान राज्य आयुक्त ने जिले के दिव्यांगों की शिकायतें सुनीं और उनका निवारण करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए 31 अगस्त तक दिव्यांगता पहचान पत्र बनवाया अनिवार्य है। अन्यथा एक सितंबर से दिव्यांगों को मिलने वाले सभी लाभ बंद कर दिए जाएंगे। दिव्यांगजनों को नौकरियों में आरक्षण भी नहीं मिल पाएगा। राज्य सरकार दिव्यांगजन को उनके अधिकार दिलवाने के लिए संकल्पबद्ध है। इसके लिए जरूरी है कि सभी दिव्यांगजन एक सितंबर 2022 से पहले अपना यूडीआईडी कार्ड अवश्य बनवा लें।
राजकुमार मक्कड़ ने कहा कि पर्सनस विद डिसेबिलिटी एक्ट, 1995 के अनुसार नौकरियों में भर्ती और पदोन्नति में दिव्यांगजन को तीन फीसदी आरक्षण का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि सरकार की पहल से पांच हजार से ज्यादा दिव्यांगजन लाभान्वित हो चुके हैं तथा अन्य पांच हजार दिव्यांगजन को लाभ देने की प्रक्रिया चल रही है, जिसे 31 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा।
राज्य आयुक्त ने कहा कि पांच अगस्त 2021 को स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई अधिसूचना के अनुसार दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब दिव्यांगजन को अस्पताल के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। वह अपने नजदीकी अटल सेवा केंद्र पर जाकर स्वावलंबन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद नागरिक अस्पताल से उसे डॉक्टरी परीक्षण के लिए समय दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि नए प्रावधान के अनुसार तीन चिकित्सकों का पैनल उस व्यक्ति की जांच करेगा और दस्तावेज पर तीनों चिकित्सकों के नाम व उनके एमसीआई के रजिस्ट्रेशन नंबर लिखे जाएंगे।