- पूर्व सरपंच के बाद अब ग्राम सचिव व ठेकेदार की भूमिका की होगी जांच
- एसपी के निर्देश पर दो डीएसपी समेत पांच सदस्यीय टीम गठित
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। ग्राम पंचायत गढ़ी विनोदा में 40 लाख पांच हजार 86 रुपये के घोटाले की जांच के लिए एसपी वरुण सिंगला ने हथीन डीएसपी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एसआईटी में हथीन के डीएसपी के अलावा डीएसपी क्राइम, सीआईए होडल के इंचार्ज, हथीन थाना प्रभारी तथा सिटी पुलिस चौकी प्रभारी को शामिल किया गया है। एसआईटी द्वारा इस केस में तत्कालीन ग्राम सचिव की भूमिका की भी जांच की जाएगी। जांच के दौरान यदि अन्य कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि पंचायत की प्रारंभिक जांच के दौरान अधिकारियों ने 40 लाख पांच हजार 86 रुपये के घोटाले में पूर्व सरपंच बलजीत के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने बलजीत को गिरफ्तार कर लिया था। वह वर्तमान में जमानत पर रिहा हैं। बलजीत ने उच्चाधिकारियों को शिकायत देकर यह आरोप लगाया है कि इस घोटाले में ग्राम सचिव तथा संबंधित ठेकेदार भी शामिल हैं। उन्होंने मुख्य सचिव हरियाणा के उस पत्र का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि किसी भी घोटाले की जिम्मेदारी ग्राम सरपंच के साथ-साथ ग्राम सचिव की भी होती है।
पलवल के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सूर्यचंद्र कांत ने भी अपने आदेश में एसपी को निर्देश दिए थे कि ग्राम सचिव जयभगवान और ठेकेदार हरकेश की भूमिका की जांच की जाए। इसके बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भी जिला उपायुक्त एवं एसपी को पत्र जारी कर इस केस की गहन जांच कराने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के आधार पर एसपी वरुण सिंगला ने दो डीएसपी को शामिल करते हुए एसआईटी का गठन किया है। डीएसपी हथीन मोहिंदर सिंह ने बताया कि जांच निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से की जाएगी। वहीं, पूर्व सरपंच बलजीत ने एसआईटी के गठन को लेकर कहा कि उन्हें अब न्याय की उम्मीद है।