सैकड़ों कर्मचारियों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी, मरीजों को झेलनी पड़ी परेशानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल/होडल। स्वास्थ्य विभाग में लागू किए गए जियो फेंसिंग आधारित हाजिरी सिस्टम के खिलाफ सोमवार को जिले के दो प्रमुख अस्पतालों, पलवल जिला नागरिक अस्पताल और उपमंडल नागरिक अस्पताल होडल में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। दोनों स्थानों पर सुबह 10 से 11 बजे तक एक घंटे का कार्य बहिष्कार (वर्क सस्पेंड) किया गया, जिसमें डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, लैब टेक्नीशियन, एनएचएम कर्मचारी, मिनिस्ट्रियल स्टाफ और बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से भाग लिया।
पलवल में तालमेल कमेटी हरियाणा के जिला अध्यक्ष डॉ. योगेश मलिक के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। वहीं, होडल में टेकचंद, नरेश कुमार, बिजेंद्र, रोहतास सहित अन्य प्रतिनिधियों ने अस्पताल प्रबंधन को ज्ञापन सौंपते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सभी कर्मचारियों ने एक सुर में इस प्रणाली को निजता और गोपनीयता का उल्लंघन बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की।
क्या है जियो फेंसिंग हाजिरी सिस्टम
सरकारी कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए मैनुअल या बायोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली के स्थान पर मोबाइल आधारित जियो फेंसिंग अटेंडेंस ऐप लागू की है। इस ऐप के माध्यम से उपस्थिति तभी मानी जाएगी जब कर्मचारी कार्यालय परिसर के भीतर हों। ऐप के जरिए ही वेतन भुगतान भी जुड़ा है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह प्रणाली कर्मचारियों की निगरानी और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन है। साथ ही इससे साइबर फ्रॉड और डाटा लीक जैसी आशंकाएं भी बनी रहती हैं।
ओपीडी और इमरजेंसी पर दिखा असर
पलवल और होडल दोनों अस्पतालों में सोमवार को ओपीडी में आमतौर पर भीड़ अधिक होती है। एक घंटे के वर्क सस्पेंड के कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पलवल में इमरजेंसी में स्टाफ की कमी के चलते इलाज में देरी हुई, जबकि होडल में ओपीडी काउंटरों और डॉक्टरों के कमरों के बाहर मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। कई बुजुर्ग और गंभीर मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
प्रदर्शन का दायरा बढ़ाने की चेतावनी
स्वास्थ्य कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जियो फेंसिंग हाजिरी प्रणाली को तत्काल वापस नहीं लिया, तो अगला कदम प्रदेशव्यापी हड़ताल होगा। कर्मचारियों ने कहा कि पहले भी 28 जुलाई को काले बिल्ले लगाकर विरोध किया गया था, लेकिन सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया। मजबूरन अब सड़क पर उतरकर आंदोलन तेज करना पड़ रहा है। यदि सरकार ने समय रहते समाधान नहीं निकाला तो चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह ठप कर दी जाएंगी, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
प्रशासन पर बना दबाव
पलवल और होडल दोनों ही स्थानों पर हुए प्रदर्शन से प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। जहां मरीजों को समय पर सेवा नहीं मिल सकी, वहीं अस्पताल प्रबंधन को भी कार्य संचालन में दिक्कतें आईं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सरकार से इस मुद्दे पर पुनर्विचार की मांग की है। इस बीच, यह विरोध अब केवल तकनीकी मुद्दा नहीं रह गया, बल्कि कर्मचारियों की निजता, विश्वास और अधिकारों से जुड़ा व्यापक मामला बन चुका है। यदि सरकार ने शीघ्र कोई समाधान नहीं निकाला तो यह विरोध हरियाणा के सभी जिलों में व्यापक आंदोलन का रूप ले सकता है।