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जिले में नहीं दिखता ‘पॉलिथीन हटाओ पर्यावरण बचाओ’

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पलवल में नाले के अंदर भरी पड़ी पॉलीथिन - फोटो : Palwal
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पलवल। ‘पॉलिथीन हटाओ पर्यावरण बचाओ’ का नारा जिले में पूरी तरह से फेल होता दिख रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) के आदेश मिलने पर प्रशासन कार्रवाई करता है, लेकिन उसके कुछ दिन बाद कोई देखता भी नहीं। किसी भी सामान की दुकान हो या रेहड़िया अथवा सब्जी फल विक्रेता, सभी ग्राहकों को प्लास्टिक के पैकेट में ही रखकर देते हैं। ऐसे में न ही पॉलिथीन पर रोक लग पा रही है और न पर्यावरण का बचाव हो पा रहा है।
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प्रशासन जब भी पॉलिथीन के खिलाफ अभियान चलाता है, वह केवल दिखावा बनकर रह जाता है। कई सामाजिक संस्थाएं इसके खिलाफ लगातार प्रयासरत हैं, लेकिन उसका कोई असर नहीं हो रहा है। लोग इस्तेमाल के बाद नाले-नालियों में पॉलिथीन बहा देते हैं। इससे नाले भी पटे पड़े हैं। जिस कारण पानी आगे नहीं जा पाता और जाम रहता है। खुले नालों से पानी सड़क पर निकलकर बहने लगता है। इस सबके अलावा पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है। सबसे खास बात यह है कि सफाई कर्मी स्वयं भी पॉलिथीन को उठाकर नालों में डाल जाते हैं।
गाय के पेट से निकली थी 70 किलो पॉलिथीन
गत वर्ष सड़क पर एक गाय की तबीयत खराब होने पर होडल स्थित गौसेवा धाम अस्पताल में लाया गया। जब गाय के पेट का ऑपरेशन किया गया तो उसमें से करीब 70 किलोग्राम पॉलिथीन निकली थी। जिसे गौसेवा धाम अस्पताल संचालकों ने प्रशासन को भी दिखाया। लगातार कई दिनों तक सोशल मीडिया पर भी उसका प्रचार हुआ था, उसके बाद भी जिला प्रशासन ने इस ओर आज तक ध्यान नहीं दिया।
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तत्कालीन उपायुक्त ने बनाई थी योजना
जिले के तत्कालीन उपायुक्त यशपाल यादव द्वारा सामाजिक संस्थाओं व अधिकारियों के साथ बैठक कर इस पर प्रतिबंध लगाने के लिए योजना बनाई कि घरों व सार्वजनिक स्थानों पर एकत्रित होने वाली पॉलिथीन को नगर परिषद द्वारा एकत्रित कराया जाए। उसे गुरुग्राम में सड़क बनाने में इस्तेमाल करने वाली कंपनी को बेचा जाए। इस योजना को उन्होंने काफी आगे बढ़ाया। कंपनी के अधिकारियों से भी बात की, लेकिन बाद में उनका तबादला यहां से होने के बाद यह योजना भी खटाई में पड़ गई। उनके बाद यहां नियुक्त हुए उपायुक्त ने इस तरफ ध्यान ही नहीं दिया।
मैं पिछले कई वर्षों से क्लीन एंड स्मार्ट संस्था का गठन कर पॉलिथीन के विरुद्ध अभियान चला रही हूं। मैंने जिला प्रशासन के साथ मिलकर भी जागरूकता अभियान चलाए हैं। आज भी पॉलिथीन व प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल कर कई वस्तुएं बनाकर उनका उपयोग कर रही हूं। यदि प्रशासन व सामाजिक संस्थाओं का पूरा सहयोग मिले तो पलवल में इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने में सफल हो पाएंगे।
- नमिता तायल, प्रधान क्लीन एंड स्मार्ट संस्था
शहर के अंदर पॉलिथीन में सामान देने वालों के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। कई बार चालान भी काटे गए हैं। आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। इसके लिए फिर से अधिकारियों को निर्देश देकर अभियान शुरू किया जाएगा। नगर परिषद व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को इस संदर्भ में जल्द निर्देश देकर अभियान शुरू कराया जाएगा।
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- कृष्ण कुमार, उपायुक्त पलवल
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