पलवल (अनूप पाराशर)। हूडा सेक्टर दो स्थित एक्सिस बैंक में डकैती डालने से पहले पांच बार रेकी की गई। इतना ही नहीं बदमाशों ने पलवल में अन्य बैंकों की भी रेकी की, लेकिन डकैती डालकर आसानी से भाग निकलने में सफलता एक्सिस बैंक में ही दिखाई दी।
दरअसल, डकैती की वारदात को अंजाम देने के लिए एक्सिस बैंक को ही सुरक्षित पाया, क्योंकि ये बैंक जहां शहर की भीड़-भाड़ से दूर खुले में है, वहीं बैंक में कम स्टाफ तथा तैनात सुरक्षा कर्मी के पास हथियार न होना भी उन्हें यहां वारदात करना ज्यादा सुरक्षित लगा। यही नहीं बदमाशों ने पलवल के अलावा भिवाड़ी, अलवर, फरीदाबाद व अन्य आसपास के इलाकों में भी बैंक डकैती डालने की योजना बनाई, लेकिन पलवल की इस ब्रांच से ज्यादा सुरक्षित कहीं दिखाई नहीं दिया। गिरफ्तार बदमाशों के गिरोह का सरगना सूरज उर्फ सन्नी बैंक और अन्य कहीं भी डकैती, लूटपाट जैसी वारदात को अंजाम देने से पहले अपने साथियों से उस जगह की कई दिनों तक रेकी कराता था। रेकी के दौरान सुरक्षा की गारंटी होने तथा भागने में आसानी होने पर ही वहां वारदात को अंजाम देता था।
काले रंग की स्काेडा ने खोले डकैती के रोज
डकैती डालने के बाद मोटरसाइकिलों को बघौला के पास छोड़कर जिस काले रंग की स्कोडा गाड़ी में बदमाश भागे थे, उसी गाड़ी ने बदमाशों को गिरफ्तार करवा दिया। डकैती के बाद पुलिस द्वारा नोएडा तक खंगाली गईं सीसीटीवी फुटेज में दिखी काले रंग की स्कोडा शुक्रवार रात को जैसे ही पलवल में दिखी, पुलिस सतर्क हो गई। मुखबिर द्वारा गाड़ी की जानकारी देते ही पुलिस ने बदमाशों को दबोच लिया तथा बैंक डकैती की वारदात को सुलझा लिया।
हर बार बिहार से नए युवकों को बुलाता था सूरज
कहीं भी लूटपाट व डकैती की वारदात को अंजाम देने के लिए सूरज उस स्थान की पूरी तरह से रेकी कराने के बाद बिहार से अपने संपर्क के नए युवकों को बुलाता था। उनके द्वारा वारदात को अंजाम दिलाने के बाद उन्हें तुरंत ही वापस भिजवा देता था। उनके द्वारा ही लूटे जाने वाले रुपयों में से कुछ रुपये अपनी ऐश व अय्याशी के लिए तथा अन्य जगह पर वारदात को अंजाम देने से पहले की जाने वाली रेकी और अन्य तैयारियों के लिए रखता था। बाकी के रुपये बिहार भिजवा देता था। सूरज के गिरोह में 15 से 20 बदमाश हैं। उनका काम ज्यादातर रेकी करना रहता है। उसके बाद लूटपाट करने के लिए बिहार से अन्य युवक आते हैं।
बैंक प्रबंधक से मिलकर खाता खुलवाने की ली जानकारी
डकैती डालने से पहले सूरज द्वारा अपने साथी मनीष उर्फ मनकी को पलवल में पहली बार दो जुलाई को रेकी करने के लिए भेजा। मनीष ने पलवल आकर पहले शहर के अंदर स्थित अन्य बैंकों का जायजा लिया। उन बैंकों में डकैती डालना असुरक्षित पाकर उसने हूडा सेक्टर दो के पास स्थित एक्सिस बैंक को डकैती डालने के लिए सुरक्षित पाया।
मनीष बैैंक पहुंचा तथा प्रबंधक कुनाल से भी मिला। बैंक प्रबंधक के पास वह काफी देर तक खाता खुलवाने व अन्य बैंक संबंधित जानकारी लेने के लिए बैठा रहा। बैंक में तैनात कर्मचारियों की संख्या का जायजा लेता रहा। उसके बाद एक अन्य बदमाश पांच जुलाई को रेकी करने पहुंचा। उसने पूरी स्थिति का जायजा लिया। तैनात सुरक्षा कर्मी के पास खड़े रहकर उस बदमाश ने बैंक के बारे में अनजान बनकर काफी जानकारी हासिल की। उसके बाद 10 व 12 जुलाई को तथा उसके बाद वारदात वाले दिन 14 जुलाई को सुबह अलग-अलग बदमाशों ने रेकी की। उसी के आधार पर डकैती की वारदात को अंजाम दिया गया।
भिवाड़ी बैंक में डकैती डालने की थी योजना
पलवल एक्सिस बैंक में डकैती डालने से पहले बदमाशों की योजना राजस्थान के भिवाड़ी जिले में डकैती डालने की योजना थी। उसके लिए पलवल पुलिस द्वारा गिरफ्तार महेश उर्फ रौनक को वहां रेकी करने के लिए भेजा था, लेकिन महेश ने सूरज को पुलिस पर गोली चलाने की झूठी बात बताकर वहां डकैती डालने की योजना रुकवा दी। उसके बाद ही पलवल में डकैती डालने की योजना बनाई गई।
फोन बंद कर दिए थे
बदमाश सौरभ के सेक्टर-78, सिक्का कारकी ग्रीन नंबर 1302 ए टावर नंबर 30 नोएडा में डकैती डालने से पहले पूरी योजना तैयार हुई की कब कहां कैसे मिलना है। उसके बाद नोएडा में ही सभी बदमाशों ने फोन बंद कर दिए। मनीष तथा अन्य चार बदमाश जो कि अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं, दो मोटरसाइकिलों पर एक्सिस बैंक पहुंचे। जबकि सौरभ तथा सूरज दो गाड़ियों को लेकर बघौला से पहले स्थित सीएनजी पेट्रोल पंप के पास खड़े रहे। सूरज लाल रंग की आइ-10 गाड़ी में तथा सौरभ काले रंग की स्कोडा लेकर खड़ा रहा। जैसे ही उनके साथी बदमाश बैंक में डकैती डालने के बाद वहां पहुंचे तो दोनों मोटरसाइकिलों को वहीं सड़क किनारे खड़ी कर अलग-अलग गाड़ियों में बदमाश रुपये लेकर रवाना हो गए। स्कोडा में सवार तीन बदमाश पृथला-दूधौला मार्ग से होते हुए धतीर के रास्ते सोहना, गुरुग्राम होते हुए नोएडा पहुंचे, जबकि लाल रंग की गाड़ी में सूरज व अन्य चार बदमाश फरीदाबाद के रास्ते नोएडा सौरभ के मकान पर पहुंचे। वहां से मनीष सहित सभी पांचों बदमाशों को बिहार के लिए रवाना कर दिया गया। लूटे गए सारे रुपये भी बिहार भिजवा दिए गए। डकैती के लिए इस्तेमाल की गईं दोनों मोटरसाइकिलें दिल्ली व नोएडा से 60 हजार रुपये में खरीदी थीं। एक मोटरसाइकिल 35 हजार रुपये तथा दूसरी 24 हजार रुपये में फर्जी कागजात तैयार कर खरीदी थीं।
बिहार में एक भाजपा नेता की भी हत्या कर चुका है मनीष
गिरफ्तार बदमाशों में शामिल मनीष बिहार में एक भाजपा नेता की भी हत्या कर चुका है। उसके अलावा वह तथा गिरोह के सरगना सूरज उर्फ सन्नी व अन्य सभी बदमाशों पर लूट डकैती, हत्या सहित कई बड़े आपराधिक मामले बिहार, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, दिल्ली-एनसीआर सहित अन्य कई राज्यों में मुकदमे दर्ज हैं।
पलवल पुलिस की है बड़ी कामयाबी
बैंक डकैती मामले में पांच बदमाशों की गिरफ्तारी पलवल पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी है। बिहार पुलिस ने भी पलवल जिला पुलिस अधीक्षक को फोन कर बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए प्रशंसा की है। बिहार पुलिस भी सूरज उर्फ सन्नी के इस गिरोह से खौफ खाता था, क्योंकि बिहार पुलिस के लिए यह गिरोह बड़ा सिरदर्द बना हुआ था। पलवल पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी के बाद बिहार पुलिस ने भी राहत की सांस ली है।
बैंक डकैती मामले में उक्त पांचों की गिरफ्तारी पलवल पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी है। यह ऐसा गिरोह है, जो बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली एनसीआर सहित कई राज्यों में पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। जल्द ही इस गिरोह के अन्य सभी बदमाशों को गिरफ्तार किया जाएगा।
- दीपक गहलावत, पुलिस अधीक्षक पलवल