अब बल्लभगढ़ से पलवल के बीच फोर्थ लाइन से ट्रेनें 110 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त उत्तरी परिमंडल ने ट्रैक की जांच करने के बाद अपनी मंजूरी दे दी है। असावटी से बल्लभगढ़ के बीच जो कमियां हैं उसे दूर करने के लिए अफसरों को निर्देश दिया गया है।
बता दें कि गत 23 मार्च को मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त शैलेश कुमार पाठक ने विशेषज्ञों की टीम के साथ बल्लभगढ़ से असावटी के बीच 9 किलोमीटर बिछाई गई फोर्थ लाइन का निरीक्षण किया था और उसके तकनीकी पहलुओं की जांच करते हुए विशेष ट्रेन को 110 किमी. प्रति घंटे कर रफ्तार से दौड़ाकर परीक्षण किया था।
पाठक के मुताबिक ट्रैक बहुत ही बेहतर ढंग से बनाई गई है। इस पर ट्रैन 110 किमी. रफ्तार से दौड़ाने में किसी प्रकार की कोई अड़चन नहीं है। जांच के बाद इस ट्रैक से ट्रेन दौड़ाने की मंजूरी दे दी गई है। जबकि असावटी से पलवल के बीच फोर्थ लाइन की मंजूरी वर्ष 2015 में ही मिल चुकी है। उस ट्रैक से कई बार ट्रेनों का परिचालन किया भी गया है।
मंजूरी देते हुए सीआरएस ने उत्तर रेलवे से कहा है कि वह चाहें तो फोर्थ लाइन से ट्रेनों का परिचालन कर सकते हैं। ऐसे में अब बल्लभगढ़ से पलवल तक ट्रेनें सरपट दौड़ सकेंगी।