फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देश में केवल किसान हितैषी सरकार ही राज करेगी

विज्ञापन
विज्ञापन
पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहे धरने में बृहस्पतिवार को आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया। तय किया गया कि गांव-गांव जाकर कृषि कानूनों के विरोध में जागरूक किया जाएगा। वहीं किसानों को बहकाने वाले नेताओं को गांवों में घुसने नहीं दिया जाएगा। वहीं शुक्रवार को धरना स्थल पर नौजवान किसान दिवस और शनिवार को संत रविदास जयंती मनाने का निर्णय लिया गया।
विज्ञापन

किसान संघर्ष समिति के तत्वावधान में आयोजित धरने की अध्यक्षता बाबा सुखवंत सिंह व संचालन रूपराम तेवतिया ने किया। मास्टर महेंद्र चौहान ने कहा कि संकट की इस घड़ी में जो भी नेता किसानों के साथ खड़ा है, आने वाले चुनावों में किसान उसी का साथ देंगे। किसान आंदोलन का विरोध करने वाले नेताओं को गांवों घुसने नहीं दिया जाएगा। नेताओं का विरोध करने में महिलाएं भी कमान संभालेंगी। अब देश में केवल किसान हितैषी सरकार की राज करेगी। पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने कहा कि किसान को संगठित होना पडे़गा। किसान संगठित नहीं हुआ तो खेत में किसान पिटेगा और मंडी में अनाज पिटेगा। भाजपा सरकार को किसानों की मांग माननी चाहिए। प्रधानमंत्री ने किसानों के खिलाफ कानून बनाकर व्यापारियों के हित में कार्य किया है। इन कानूनों से किसान जहां आर्थिक तौर पर बर्बाद होगा, वहीं अन्य लोग आर्थिक और सामाजिक तरह से बर्बाद होंगे। अब जनता भी सरकार के बहकावे में आने वाली नहीं है। आज हर वर्ग उनकी नीतियों से दुखी है। सरकार को आगे इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। इस दौरान 27 व 28 फरवरी को आयोजित होने वाली चौपाई प्रतियोगिता में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की गई। इस मौके पर सरदार सरबजीत सिंह, शिव नारायण तेवतिया, पंडित प्रभुदयाल शर्मा, सोहनपाल चौहान, डॉ. रघुबीर सिंह, भागीरथ बेनीवाल, राजेंद्र सिंह घर्रोट आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें