तीनों मामलों में केस दर्ज, आरोपी मौके से भाग गए, तेज रफ्तार वाहनों की टक्कर बनी हादसों की वजह
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में तीन अलग-अलग सड़क हादसों में एक बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति व दो मासूम बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। सभी हादसों में तेज रफ्तार वाहनों की टक्कर मुख्य वजह बनी। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद तीनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच जारी है।
पहली घटना में चांदहट थाना क्षेत्र के गांव मुहरुका नगला निवासी अरशद 14 मई को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बेटी अलिफसा (10) और अलशिफा (6) को घर छोड़ने बाइक से निकले थे। जैसे ही वह बाडका खटका चौक के पास पहुंचे, सामने से एक तेज रफ्तार आयशर ट्रैक्टर ने लापरवाही से बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में अरशद को पैर, पेट और छाती में चोटें आईं। अलिफसा के माथे की हड्डी टूट गई और पैरों में गंभीर चोटें आईं, जबकि अलशिफा का एक पैर टूट गया और उसकी कमर में चोट लगी। घायलों को पलवल के सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद बुलंदशहर के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया। परिजनों ने इलाज शुरू कराया और पंचायती समाधान की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। 27 मई को अरशद ने चांदहट थाना में शिकायत दी, सीटी स्कैन में अलिफसा को डिसप्लेस्ड फ्रैक्चर पाया गया है।
दूसरी घटना में गांव ककड़ीपुर निवासी दिनेश को 26 मई को बल्लभगढ़ से लौट रहे थे। इस दौरान शाम के करीब छह बजे एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दो बार कार उसके ऊपर चढ़ गई। हादसे में दिनेश को गंभीर चोटें आईं। पीड़ित को फरीदाबाद के अस्पताल ले जाया गया, जहां शरीर में पांच चोटें दर्ज की गईं। इसके साथ ही टक्कर के बाद दिनेश का आरोप है कि ड्राइवर पदम ने उससे 3,000–4,000 रुपये भी छीने, लेकिन इसकी पुष्टि पुलिस जांच में नहीं हो पाई।
तीसरी घटना में गांव धतीर निवासी निरंजन सिंह की मौत 27 मई की रात सड़क हादसे में हो गई। मृतक के बेटे कृष्ण ने पुलिस को बताया कि उनका शिवम नाम से ढाबा है, उसके पिता रात को ढाबे की देखरेख लिए वहीं जा रहे थे। रात करीब 10 बजे हरियाणा ढाबा के सामने किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल निरंजन को पहले पलवल के निजी अस्पताल और फिर फरीदाबाद ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। तीनों हादसों में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन सभी आरोपी अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। परिजनों को न्याय दिलाने के लिए स्थानीय पुलिस ने सीसीटीवी, चश्मदीद और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज कर दी है।