संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर गांव सराय में 23 दिसंबर 2021 को आठ वर्ष के मासूम रिजवान का अपहरण कर हुई हत्या के केस की जांच करने के लिए दो सदस्यीय सीबीआई की टीम गांव सराय पहुंची। टीम ने घटनास्थल का दौरा कर जांच शुरू कर दी।
दरअसल, मुंडकटी थाना क्षेत्र के गांव सराय निवासी मुस्ताक का आठ वर्षीय बेटा रिजवान 23 दिसंबर 2021 की शाम साढ़े पांच बजे के करीब गांव की मस्जिद में गया था, जहां से वह लापता हो गया। पीड़ित मुस्ताक ने बेटे के लापता होने की शिकायत 24 दिसंबर को मुंडकटी थाना पुलिस को दी। पुलिस ने लापता होने का केस दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरू कर दी थी। 30 दिसंबर को लापता रिजवान का शव गांव से बाहर ईख के खेत में क्षत-विक्षत हालत में मिला। मृतक बच्चे के गले को किसी जंगली जानवर ने नोच खाया था। बच्चे के शव को खेत में चारा लेने गई गांव की महिला ने देखा और पुलिस को सूचना दी थी। शव मिलने की सूचना मिलते ही तत्कालीन डीएसपी सज्जन सिंह भारी पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंच गए थे। बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया था। पुलिस मासूम रिजवान के अपहरणकर्ता हत्यारों का पता लगाने में नाकामयाब रही। बाद में मृतक रिजवान के पिता मुस्ताक ने जांच के लिए हाईकोर्ट चंडीगढ़ में अपनी शिकायत दी। जहां से हाईकोर्ट ने पलवल एसपी को एसआईटी गठित करने के आदेश दिए। हालांकि इसके बाद भी मामले का खुलासा नहीं हो सका। बाद में एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट में पुलिस ने पेश की तो कोर्ट ने हत्याकांड का खुलासा करने के लिए मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए। शनिवार को देर सांय सीबीआई की टीम इंस्पेक्टर गुरतार सिंह के नेतृत्व में दो सदस्यीय दल हाईकोर्ट के आदेश के बाद गांव सराय पहुंचा और हत्याकांड की जांच शुरू कर दी।
पुरानी रंजिश में हत्या का शक
पीड़ित ने कहा कि मृतक रिजवान उसका तीसरे नंबर का बेटा था, अभी उसके पास दो बेटे व दो बेटियां हैं। उसके बेटे की हत्या में उसके अपनों का ही हाथ है, जिसमें उसके ताऊ के परिवार के लोग शामिल हैं। उनके परिवार की पुरानी रंजिश चली आ रही है, लेकिन पुलिस प्रशासन ने इस मामले में उनसे कोई पूछताछ नहीं की। पीड़ित ने कहा मेहनत मजदूरी करने के बाद पुलिस द्वारा न्याय नहीं मिलने के बाद भी उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। रिजवान गांव के अल इस्लामियां स्कूल में दूसरी कक्षा का छात्र था, जो पढ़ने में बहुत होशियार था।
न्याय के लिए बेच दी जमीन
मृतक रिजवान के पिता मुस्ताक ने बताया कि 23 दिसंबर की शाम को उसका बेटा रिजवान मस्जिद गया था और लापता हो गया। पीड़ित ने कहा कि बेटे के हत्यारों पता लगाने के लिए उसने अपनी एक एकड़ जमीन भी बेच दी। इस पैसे से उसने मासूम बेटे को न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी। लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद अब तक उसे न्याय नहीं मिला। अब देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई से न्याय की उम्मीद है।