पलवल। केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध व एमएसपी पर गारंटी कानून की मांग को लेकर चल रहे किसान आंदोलन के 11 माह पूरे होने पर मंगलवार को प्रदर्शन किया गया। केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहे धरना स्थल पर किए प्रदर्शन में किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान किसानों ने लखीमपुर खीरी नरसंहार के साजिशकर्ता केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त करके तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शन के बाद किसान संघर्ष समिति के नेताओं ने पलवल उपायुक्त को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए घटना की जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में एसआईटी से कराने की मांग की।
मंगलवार को अच्छेलाल द्वारा संचालित प्रदर्शन का संचालन दरियाब बंचारी ने किया। प्रदर्शन में अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान धर्मचंद घुघेरा व उदय सिंह सरपंच ने कहा कि लखीमपुर खीरी हत्याकांड की जांच जिस तरीके से की जा रही है उससे पूरा देश निराशा व आक्रोश से देख रहा है तथा उच्चतम न्यायालय जांच के बारे में पहले ही कई प्रतिकूल टिप्पणियां दे चुका है। किसान नेता रतन सिंह सौरौत व बीधूसिंह ने कहा कि भाजपा सरकार आंदोलनकारियों को थकाने और उपेक्षा से समझौता कराने की रणनीति पर काम कर रही है, लेकिन किसान आंदोलन का देश में लगातार विस्तार होता जा रहा है। किसानों का दृढ़ विश्वास है कि अंत में जीत सत्य की ही होगी, जिसके लिए किसान 11 महीने से सत्याग्रह कर रहे हैं। प्रदर्शन में किसान नेता सोहनपाल चौहान, राजेन्द्र घरौट, रुपराम तेवतिया, रमेश गौड़ौता, भागीरथ बैनीवाल, ताराचंद, शिवसिंह थानेदार, धनीराम थानेदार, चेतराम मैंबर, रोशनलाल, पोहपसिंह, बीरसिंह चौहान, बृजलाल, गोपी हवलदार व बाबूलाल ने भी अपने विचार व्यक्त किए।