पलवल। मंत्री जी धान घोटाले की इस जांच को किससे कराओगे यहां तो सभी अधिकारी पैसे खाए बैठे हैं। यह बात धान घोटाला की ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में रखी गई शिकायत पर हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल से शिकायतकर्ता भिडूकी निवासी गंगालाल ने कही। शिकायतकर्ता की बात सुनते ही एक बार तो मंत्री भी हिल गए। फिर बात को संभालते हुए बोले कि ठीक है फिर ऊपर चल रही जांच की रिपोर्ट आने दो। शिकायतकर्ता ने मंत्री से कहा कि मेरे पास वह वीडियो भी है, जिसमें मार्केट कमेटी के अधिकारी ऊपर तक अधिकारियों व नेताओं को पैसे पहुंचाने का दावा करते हैं। सुनते ही मंत्री ने शिकायत को अगली बैठक में रखने का बोलकर शिकायतकर्ता को चलता कर दिया।
बैठक से जाने से पहले शिकायतकर्ता ने मंत्री को बताया कि मेरे 750 क्विंटल धान की खरीद तक नहीं की गई। जिससे मुझे चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है। धान खरीदने के बदले मुझसे 200 रुपये प्रति क्विंटल गेट पास काटने के भी रिश्वत के रूप में मांग की गई। इस पर मंत्री व कोई भी अधिकारी कुछ नहीं बोला। शुक्रवार को इस शिकायत के अलावा जिला ग्रीवेंस कमेेटी की बैठक में हरियाणा के सहकारिता, अनुसूचित जातियां एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री डा. बनवारी लाल ने 16 में से 14 परिवादों का मौके पर ही समाधान किया। इस अवसर पर विधायक जगदीश नायर, विधायक दीपक मंगला, विधायक नयनपाल रावत, विधायक प्रवीन डागर, भाजपा के जिलाध्यक्ष चरण सिंह तेवतिया, जजपा के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सोरोत, पूर्व विधायक रामरतन, उपायुक्त कृष्ण कुमार, पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल, एसडीएम पलवल वैशाली सिंह, एसडीएम होडल वकील अहमद, एसडीएम हथीन लक्ष्मीनारायण, डीएसपी अनिल कुमार, सत्येंद्र कुमार सहित परिवाद समिति के सदस्यगण, विभागीय अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
पेंशन न मिलने से नाराज 200 लोग पहुंचे बैठक में
हथीन उपमंडल के गांव अंधोप के करीब 200 लोग एकजुट होकर नारे लगाते हुए बैठक में पहुंच गए। उनका आरोप था कि करीब 400 लोग ऐसे हैं, जिन्हेें पिछले साल जनवरी व फरवरी माह की आज तक वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिली है। इन लोगों को लेकर ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में पहुंचे ब्लाक समिति हथीन के सदस्य तथा भाजपा नेता धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि मंत्री जी इस तरह के मामलों से सरकार की बदनामी हो रही है। मंत्री ने कहा कि यदि अगली होने वाली ग्रीवेंस कमेटी की बैठक तक जिले के सभी बुजुर्गों की लंबित पेंशन नहीं दी गई तो संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जाएगा।
ये भी आई शिकायतें
बैठक में जो प्रमुख शिकायतें आईं उनमें गांव गुराकसर निवासी आशाराम पुत्र कालूराम की शिकायत थी कि उनके गांव की हरीजन चौपाल जोकि 1999 में बनाई गई थी, उसे अन्य व्यक्तियों द्वारा तोड़ा जा रहा है। बुजुर्ग का कहना था कि यदि चौपाल तोड़ी गई तो वे गांव से पलायन कर देंगे। इस पर मंत्री ने एसडीएम के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। एक किसान ने शिकायत की कि उसका कूपन में कल्टीवेटर निकला था, लेकिन अधिकारी नहीं दे रहे हैं और उसे घुमा रहे हैं।