फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नपा चुनाव : किसके सर सजेगा ताज, आज चलेगा पता

विज्ञापन
विज्ञापन
मतगणना की तैयारियां पूरी, सुरक्षा के रहेंगे पुख्ता प्रबंध, नहीं ले जा सकेंगे मोबाइल
विज्ञापन

सोमदेव आर्य
हथीन। नगर पालिका में किसके सर ताज सजेगा इसका पता आज चल जाएगा। आज होने वाली नगर पालिका चुनाव की मतगणना के बाद हथीन को तीसरी महिला चेयरपर्सन मिलेगी। इससे पहले, दो महिला चेयरपर्सन इस पद का कार्यभार संभाल चुकी हैं। जबकि चार बार नगर पालिका का कार्यभार पुरुषों के हाथों में रहा है। मतगणना प्रक्रिया सुबह 8 बजे से हथीन लघु सचिवालय के प्रथम तल पर स्थित मीटिंग हॉल में बनाए गए मतगणना केंद्र पर शुरू होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से शांतिपूर्वक मतगणना के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।मतगणना केंद्र में कैमरा, मोबाइल फोन ले जाने पर पाबंदी:
मतगणना केंद्र में सक्षम अधिकारी द्वारा अधिकृत व्यक्ति के अलावा अन्य किसी व्यक्ति की गतिविधि पर रोक लगाने के आदेश जारी किए गए हैं। मतगणना केंद्र में किसी भी प्रकार का कैमरा, मोबाइल फोन, कॉर्डलेस फोन, पेजर, वायरलेस सेट आदि ले जाने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि आदेशों की अवहेलना करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

तीन-तीन राउंड में होगी अध्यक्ष व पार्षद पद की मतगणना

रिटर्निंग अधिकारी, हथीन नगर पालिका एवं एमडी शुगर मिल पलवल विकास कुमार यादव ने बताया कि मतगणना प्रक्रिया के तहत 5 टेबल लगाई जाएंगी, जिन पर नगर पालिका हथीन के अध्यक्ष और पार्षद पद की मतगणना होगी। अध्यक्ष और पार्षद पद की मतगणना तीन-तीन राउंड में होगी। प्रत्येक टेबल पर ईवीएम के माध्यम से गिनती शुरू की जाएगी और प्रत्येक राउंड की गिनती पूरी होने के बाद लाउडस्पीकर के माध्यम से घोषणा की जाएगी।
विज्ञापन

यह रहा है इतिहास
वर्तमान हथीन नगर पालिका का गठन वर्ष 1976 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बनारसी दास गुप्ता ने किया था। इस दौरान नगर पालिका प्रशासकों के नियंत्रण में रही और चुनाव नहीं हुए थे। वर्ष 1987 में पहली बार चुनाव हुए, तब 11 वार्ड थे और पार्षदों का बहुमत योगेंद्र सिंह के साथ था। उनके साथ छह पार्षद थे, लेकिन पांच निर्वाचित पार्षदों और दो मनोनीत पार्षदों के सहारे ओमप्रकाश चेयरमैन बने। इसके बाद 1991 में हुए चुनाव में पार्षदों ने योगेंद्र सिंह को चेयरमैन चुना। 1996 में चेयरमैन का पद पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित किया गया, और शादी लाल इस पद के पहले चेयरमैन बने। 2000 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने हथीन नगर पालिका को समाप्त कर ग्राम पंचायत बना दिया और सरपंच पद पर योगेंद्र सिंह को चुना गया। वर्ष 2005 में पुनः नगर पालिका घोषित किया गया। इसके बाद 2007 में हुए चुनाव में हेमलता को चेयरपर्सन चुना गया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अयोग्य करार दिया। 2011 में सरोज शर्मा चेयरपर्सन बनीं। 2012 में हुए चुनाव में राजवीर, और 2018 में सुमित राजपूत को चेयरपर्सन चुना गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें