हर घर को नल से जल मिलने की योजना के तहत कई जगह कागजों में काम पूरा, लेकिन धरातल पर अधूरा
- विधायक मामन खान ने उच्च स्तर पर की थी शिकायत, जन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया था निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले के लोगों की प्यास बुझाने के लिए सरकार की ओर से शुरू की गई जल जीवन मिशन योजना में जिले में असफल होती नजर आ रही है। ठेकेदार व विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह योजना पूरी तरह से लोगों तक नहीं पहुंच पाई है। हालांकि, कुछ जगह अधिकारियों व ठेकेदार ने कागजों में इस योजना को पूरा किया हुआ दिखाया है, लेकिन धरातल पर ऐसा कुछ नहीं है। इस बात की पोल सोमवार को उस समय खुल गई जब जन स्वास्थ्य विभाग के चीफ इंजीनियर की टीम ने स्थानीय विधायक के साथ मेवात के कई गांव का दौरा कर सच्चाई को जाना। अधिकारियों के पास उन्हें जवाब देने के लिए कोई ठोस जवाब नहीं था। जानकारों का कहना है कि इस योजना की अधिकारियों ने सही मायने में जांच की तो करोड़ों रुपये के घोटाले से इंकार नहीं किया जा सकता।
बता दें, जिले में हर घर को नल से जल देने की जल जीवन मिशन योजना पर सरकार ने भले ही करोड़ों रुपये खर्च किए हों, लेकिन फिर भी हर घर को नल से जल नहीं मिल पा रहा है। यह समस्या किसी एक गांव या कस्बे की नहीं है, बल्कि जिले में अधिकतर गांवों की है। जहां बूस्टिंग स्टेशनों तक तो जैसे तैसे पानी पहुंचा है, लेकिन नलों के माध्यम से हर घर तक पानी नहीं पहुंचा। हालात ये हैं कि कहीं पाइपलाइन का काम अधूरा है तो कहीं टूटी लगाना बकाया है और कहीं पर तो सब कुछ होने के बावजूद भी टूटियों में पानी नहीं आ रहा है।
विभागीय अधिकारी की लापरवाही के कारण नहीं मिल रहा पानी
मजीद, इलियास, फजरुदीन, जफर, ताहिर का कहना है कि अभी सभी घरों को पानी नहीं मिल रहा है। विभाग के अधिकारी लीपापोती करने में लगे हुए हैं। अधिकारी ठेकेदार से मिलीभगत कर लाखों रुपये को चट कर गए हैं। लोगों का आरोप है कि कहीं पर तो कनेक्शन कर दिए हैं और कहीं अधूरे हैं। बहुत से गांवों में तो ढाई साल से ग्रामीण शुद्ध पानी की बाट जोह रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों की लेट लतीफी के चलते लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। आरोप है कि उनके मोबाइलों पर भी कुछ दिन पहले पानी के बिल से संबंधित मैसेज आए थे। जिनसे उन्हें पता चला कि कागजों में उन्हें पानी मिल रहा है, धरातल पर काम भी अधूरा है।
पानी हो रहा बर्बाद
बहुत से लोगों ने मुख्य लाइनों में अवैध कनेक्शन किए हुए हैं, जिनसे हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। इतना ही नहीं बहुत से लोग तो रेनीवेल के पानी से पशुओं के चारा की सिंचाई तक कर रहे हैं। लेकिन इस तरफ अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है।
इन गांवों में किल्लत
पिनगवां, पुन्हाना, इंडरी, फिरोजपुर झिरका खंड के गांवों के अलावा पुन्हाना व नगीना के गांव भादस, चांदड़ाका, डूंगेजा, लुहिंगाखुर्द, शिकरावा पृथी का बास, तिगांव, मरोड़ा, बलई, रनियाला पटाकपुर, सहजादपुर, बीसरू, गुबराड़ी, आमका, कुलढ़ेरा, महूं, सिरसबास, पापड़ी, चितौड़ा, नाहरीका, बाईखेड़ा, शेखपुर, खेड़ीकला, चैनपुरी, पाठखोयरी, कूबड़ा बास, हसनपुर बिलौंडा, नांगल, ढाडोली, अखनाका, रीगड़, अगोन, अलीपुर तिगरा, पथराली, भांकडौजी आदि के अलावा दर्जनों गांव हैं।
निरीक्षण के दौरान काफी खामियां मिली हैं। कुछ जगह पर लोगों की भी लापरवाही रही है, लेकिन जो योजना लोगों के लिए बनी हुई है उसे उन तक पहुंचाना विभाग का काम है। जहां कहीं भी कोई मिलीभगत या धांधली पाई गई, उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। अभी इस मामले की तह तक जांच की जाएगी। -शैलेंद्र सिंह, चीफ इंजीनियर जनस्वास्थ्य विभाग।