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Palwal News: काले पॉलीथिन में रखकर गली-गली आलू प्याज की तरह बेचते हैं मांस

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- राजस्थान के किशनगंज बास के रूंद गिदावड़ा में गोकशी को लेकर रोजाना हो रहे नए खुलासे
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- पैकेट में प्रतिबंधित मांस तैयार कर हरियाणा के फिरोजपुर झिरका सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में भी बेचते थे आरोपी

- रात के समय तस्कर मांस पहुंचाते थे सीमा के पार, सुबह फेरी लगाकर करते थे बिक्री

- हरियाणा बॉर्डर के आसपास के गांव में सुबह 5 बजे से 7 तक करते थे घर-घर डिलिवरी

संवाद न्यूज एजेंसी

रेवाड़ी। जिले से करीब 40 किलोमीटर दूर राजस्थान के भिवाड़ी के नजदीक किशनगढ़ बास थाना क्षेत्र के रूंद, बिरंगपुर और गिदावड़ा में पकड़े गए गोकशी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में 25 आरोपियों को हिरासत में लिया था। पूछताछ में पता चला है कि राजस्थान में गोकशी कर हरियाणा से सटे फिरोजपुर झिरका, नूंह सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में घर-घर प्रतिबंधित मांस की डिलिवरी की जा रही थी। आरोपी काली पॉलीथिन में रखकर गली-गली आलू प्याज की तरह मांस बेचते थे।
राजस्थान पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कई खुलासे किए। आरोपियों ने बताया कि गोकशी का बड़ा बाजार हरियाणा का समीपवर्ती क्षेत्र भी है। किशनगढ़ बास थाना क्षेत्र में गोकशी की जाती थी और राजस्थान के साथ हरियाणा में भी इसे बेचा जाता था। तस्कर रात के समय प्रतिबंधित मांस सीमा के पार पहुंचाते थे और सुबह 5 से 7 बजे तक हरियाणा बॉर्डर के आसपास के गांव में फेरी लगाकर काले रंग की पॉलीथिन में होम डिलिवरी करते थे। किलो-दो किलो के पैकेट में अधिकतर मांस पहुंचाया जाता था। यह मांस किन लोगों तक पहुंचाया जाना है, यह पहले से तय होता था। इसके अलावा कुछ लोग सीमित क्षेत्रों में फेरी लगाकर भी बिक्री करते थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी राजस्थान की सीमा से सटे हरियाणा के क्षेत्रों में भी प्रतिबंधित मांस की होम डिलीवरी करते थे। इसके अलावा बाइक से भी 20 किलोमीटर के दायरे में सप्लाई की जाती थी। हालांकि, रेवाड़ी में अभी तक इस तरह का कोई मामला सामने तो नहीं आया है।
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नूंह में पकड़ा गया ऐसा मामला
रेवाड़ी के निकटवर्ती जिले नूंह में ऐसा ही मामला सामने आया है। पता चला है कि अरावली की तलहटी में स्थित थरूर के कुआं में प्रतिबंधित मांस की मंडी लगाई जाती है। रोजाना 30 से 40 गोवंशों का वध करने के बाद तस्कर आसपास के गांव में सुबह 5 से 7 बजे के बीच होम डिलिवरी करते हैं। इस पूरे मामले में राजस्थान सीमा के गांव के करीब 100 से अधिक गोतस्कर शामिल होते हैं। आशंका जताई गई है कि रेवाड़ी में भी आरोपी प्रतिबंधित मांस बेच रहे थे। फिलहाल लापरवाही बरतने के आरोप में एएसआई ज्ञानचंद समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। किशनगढ़ बास थाना में 22 लोगों के खिलाफ गोकशी करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।

तस्करी और होम डिलिवरी के अलग-अलग मास्टरमाइंड
प्रतिबंधित मांस की मंडी लगाने के पीछे मास्टरमाइंड मेदावास निवासी इकबाल और वारिस हैं। वारिस ने इस काम के लिए आईपीएस का एक फर्जी कार्ड भी बनवाया था। इस कार्ड के माध्यम से वह गोवंशों से भरी गाड़ियां निकलवाता था। आरोपी इकबाल अलवर और नूंह के पूरे क्षेत्र में अपनी अच्छी जान पहचान के लिए माना जाता है। मंडी सजाने का जिम्मा इसी पर होता था। फिलहाल अभी दोनों मास्टरमाइंड पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही पता चलेगा कि रेवाड़ी में गोमांस कितने घरों में सप्लाई हो रहा था।
प्रतिबंधित मांस और चर्बी से बने घी की सप्लाई भी होती थी

पकड़े गए आरोपियों से यह भी मालूम चला है कि गाय की चर्बी से बने नकली देसी घी को भी बेचा जा रहा था। 200 रुपये किलो के हिसाब से इसे दुकानदारों को बेचते थे। प्रतिबंधित मांस की होम डिलिवरी के लिए तस्करों ने अरावली में कच्चे रास्ते बनाए हुए थे। प्रतिबंधित मांस 250 रुपये किलो के हिसाब से बेचा जाता था।


-जिले में प्रतिबंधित मांस बेचे जाने को लेकर किसी भी प्रकार की सूचना नहीं मिली है। इस प्रकार का अभी तक मामला कोई भी सामने नहीं आया है। राजस्थान पुलिस से कोई इनपुट मिलता है तो पुलिस कार्रवाई करेगी।
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-संजीव बल्हारा, डीएसपी, रेवाड़ी, हरियाणा
.......
-गोकशी की सूचना के बाद हमने बीहड़ क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया था। पूरे मामले में 25 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और कई युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। कई और खुलासे होने की संभावना है।
-सुरेंद्र सिंह, एसपी तिजारा, राजस्थान
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