-दो ब्रेजा कारों सहित 31 लाख रुपये बरामद, मास्टरमाइंड समेत चार आरोपी गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। क्राइम ब्रांच पुलिस टीम ने नेशनल हाईवे पर हुई एक करोड़ रुपये की लूट के मामले में टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों की रिमांड के दौरान दो और आरोपियों को काबू किया है। टीम ने मास्टरमाइंड आरोपी दिनेश कुमार व उसके साथियों की निशानदेही पर दो ब्रेजा कारों सहित 31 लाख रुपये बरामद कर काबू किए गए दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया है। क्राइम ब्रांच टीम ने न्यायिक मजिस्ट्रेट की देखरेख में होने वाली टीआईपी (शिनाख्त परेड) के लिए उन्हें नीमका जेल भेज दिया है।
क्राइम ब्रांच के अनुसार, मास्टरमाइंड दिनेश ने लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए बहन की ससुराल से लोगों को चुना। क्राइम ब्रांच प्रभारी निरीक्षक जगविंदर सिंह ने बताया कि इस मामले में जिला सीकर, राजस्थान के विजयपुरा गांव के रहने वाले रामप्रमेश्वर शर्मा ने अपनी शिकायत में बताया था कि उसके मालिक गुवाहाटी (असम) के रहने वाले सुरेश कुमार अग्रवाल की कुछ ज़मीन वृंदावन में थी, जिसे उन्होंने कपिल देव उपाध्याय को बेच दिया था। उसी के पैसे लेने वह तीन अगस्त को वृंदावन गया था। उसने कपिल देव उपाध्याय से एक करोड़ रुपये लिए और पैसे को दो बैगों में रखकर शाम को राजस्थान रोडवेज से दिल्ली के लिए चल पड़ा। गदपुरी थाना क्षेत्र में अज्ञात लोगों ने एक करोड़ रुपये की लूटपाट की घटना को अंजाम दे दिया।
प्रभारी ने कहा कि लूटपाट के मामले के मास्टरमाइंड, यूपी मथुरा के गांव जैत निवासी दिनेश कुमार ने पैसों को देखकर लूट की योजना बना ली। इस दौरान मास्टरमाइंड आरोपी अपने साथी रामकिशन व रवि को साथ लेकर ब्रेज़ा कार से बस का पीछा करता रहा। प्रभारी ने बताया कि आरोपी दिनेश ने अपनी पहचान छुपाने के लिए हाईवे पर स्थित गांव फिरोज़पुर निवासी अपनी बहन की ससुराल—गांव फिरोज़पुर निवासी धीरज व गांव अल्लापुर निवासी लखन सहित आधा दर्जन साथियों को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही धीरज व उसके साथियों ने लूट की वारदात को अंजाम दे दिया।
प्रभारी जगविंदर सिंह ने बताया कि टीम में जांच अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक राकेश कुमार ने इस मामले में मास्टरमाइंड आरोपी दिनेश, रवि सहित रामकिशन की निशानदेही पर 31 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में टीआईपी के लिए लूट के आरोपी धीरज व लखन को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने के लिए नीमका जेल भेजा गया है। शिनाख्त के बाद आरोपियों से पैसे बरामद करने के लिए अदालत से रिमांड पर लिया जाएगा। वहीं, टीम द्वारा गिरफ़्तार किए गए आरोपी धीरज व लखन की आपराधिक घटनाओं की कुंडली खंगालने में पुलिस जुटी हुई है।
क्या कहते हैं एसपी
जिला पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने बताया कि जिले में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के बाद आरोपी यह न समझें कि वे गायब हो जाएंगे। जिला पुलिस पूरी तरह सतर्क है। आपराधिक घटनाओं के आरोपी बख़्शे नहीं जाएंगे। लूट की वारदात में शामिल अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ़्तार कर लिया जाएगा।