झोलाछाप डॉक्टर बनकर पुलिस को दे रहा था चकमा, राजस्थान के अलवर से हुआ गिरफ्तार
-1995 के हत्याकांड में उम्रकैद के दोषी रशीद पर था पांच हजार का इनाम
- हाईकोर्ट से जमानत के बाद 2001 से था फरार
फोटो-08
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। गांव रूपडाका में 1995 में हुए सिराजुद्दीन हत्याकांड के मुख्य आरोपी रशीद को पुलिस ने 23 साल बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी को अदालत ने हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जमानत मिलने के बाद आरोपी 2001 से फरार था। पुलिस के अनुसार आरोपी को राजस्थान के अलवर जिला अंतर्गत लक्ष्मणगढ़ थाना के गांव मौजपुर से गिरफ्तार किया गया। रशीद मौजपुर में झोलाछाप डॉक्टर बनकर इतने सालों से पुलिस की नजर से बच रहा था।
बता दें कि रूपडाका गांव में 29 जनवरी 1995 को हथीन बस अड्डे पर आपसी रंजिश में सिराजुद्दीन की हत्या चाकू गोदकर कर दी गई थी। इस मामले में शिकायतकर्त्ता ईसराईल ने हथीन थाने में हत्या का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रशीद, जैकम, शहीद, उमर, शंकर और मौसम को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश की थी। 1997 में मुख्य आरोपी रशीद को दोषी मानते हुए जिला सत्र न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई, जहां से उसे 2001 में जमानत मिली। जमानत मिलते ही वह फरारा हो गया था। फरार होने के कारण 2024 में आरोपी के ऊपर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।