फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Palwal News: हरियाणा में हारीं और राजस्थान में नौक्षम ने लहराया जीत का परचम

विज्ञापन
विज्ञापन
13906 वोटों से निर्दलीय उम्मीदवार मुख्तियार अहमद को दी करारी शिकस्त, 78646 मत किए प्राप्त
विज्ञापन

भाजपा नेता जाकिर हुसैन की बहन मंत्री जाहिदा खान को भी हराया
कैप्शन: कामां सीट से जीतने के बाद हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार करतीं नौक्षम चौधरी


संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। नीति आयोग के सबसे पिछड़े जिले नूंह के गांव पैमाखेड़ा (पुन्हाना) से ताल्लुक रखने वाली युवा भाजपा नेता नौक्षम चौधरी 2019 में हरियाणा विधानसभा चुनाव में पुन्हाना सीट से हार गई थीं लेकिन रविवार को आए राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजों में उन्होंने मुस्लिम बाहुल्य कामां (राजस्थान) सीट पर जीत का परचम लहराया है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी निर्दलीय उम्मीदवार चार्टर्ड अकाउंटेंट मुख्तियार अहमद को अंतिम 24वें राउंड में 13906 वोटों से करारी शिकस्त दी। चौधरी ने कुल 78646 वोट प्राप्त किए हैं। वहीं भाजपा नेता जाकिर हुसैन की बहन और कांग्रेस उम्मीदवार मंत्री जाहिदा खान तीसरे नंबर पर रहीं। भाजपा शीर्ष नेतृत्व से तीन नवंबर को टिकट मिलने के बाद से ही वो राजस्थान के कामां में सक्रिय हो गई थीं। हरियाणा और राजस्थान में कुल 5-5 विधानसभा सीटें मेवात क्षेत्र की मानी जाती हैं। इन सीटों पर मुस्लिम मतदाता ही हार जीत का फैसला तय करते आए हैं। जिला डीग की कामां विधानसभा सीट भी उनमें से एक है, जहां से नौक्षम चौधरी ने जीत दर्ज की है। चर्चा है कि 4 महीने बाद होने वाले लोकसभा चुनाव में वो राजस्थान की भरतपुर एससी आरक्षित लोकसभा सीट से चुनाव जीत कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल होने का ख्वाब पाले हुए हैं। अभी उन्हें राजस्थान मंत्रिमंडल में संभावित मंत्री माना जा रहा है।



गोली चलाने का भाषण रहा था चर्चा में
हालांकि राजस्थान विधानसभा चुनाव के दौरान उनका प्रत्याशी होने का काफी विरोध हुआ था लेकिन अपने सधे हुए नेतृत्व से उन्होंने उस पर काबू पा लिया था। विरोधियों के दांव इसलिए नहीं चल पाए क्योंकि वह मेवात क्षेत्र की बेटी हैं। दूसरा उनका ईंट का जवाब पत्थर से देने और गोली चलाने का भाषण भी काफी चर्चा में रहा था। जिस कारण हिंदू वोट बैंक एकजुट हो गया तथा मुस्लिम मतदाता भी उनके पक्ष में आ गए थे और 20 से अधिक सरपंचों ने एकमुश्त उन्हें समर्थन दिया था। यह समर्थन दिलाने में हरियाणा हज कमेटी के पूर्व सदस्य एवं भाजपा नेता मोहम्मद हबीब हवन नगर की कड़ी मेहनत रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन




बता दें कि राजस्थान के डीग जिले की कामां विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी नौक्षम चौधरी की जीत हरियाणा के एकमात्र पिछड़े नूंह जिले के कद्दावर घरानों के लिए बड़ी चुनौती है। जिले नूंह में भाजपा का जनाधार न के बराबर है इसलिए नौक्षम की जीत को मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में संजीवनी माना जा रहा है। हालांकि राजस्थान हरियाणा और पंजाब में मंत्री चौधरी तैय्यब हुसैन के बेटे पूर्व विधायक चौधरी जाकिर हुसैन व पूर्व विधायक नसीम अहमद के आने के बाद भारतीय जनता पार्टी मेवात में मजबूत हुई थी लेकिन जीत का स्वाद नहीं चख पाई थी। राजस्थान कामां सीट पर 1998, 2003 और 2008 में हरियाणा में मेवात के दिग्गज नेता चौधरी तैय्यब हुसैन का कब्जा रहा और राजस्थान सरकार में मंत्री भी रहे। इसके बाद चौधरी तैय्यब हुसैन की बेटी जाहिदा खान 2008 में सीपीएस तो 2018 में मंत्री बनीं, वो मौजूदा वक्त में भी राज्य मंत्री थीं। नौक्षम चौधरी की मां हरियाणा सिविल सेवा से रिटायर्ड हैं तो पिता सेवानिवृत्त जज हैं। नौक्षम 2019 में पुन्हाना विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ीं थीं, तब वह तीसरे स्थान पर रही थीं। राजनीति में उनकी रुचि छात्र जीवन से ही है। दिल्ली के मिरांडा काॅलेज में वह छात्र संघ में रहीं। नौक्षम हिन्दी, अंग्रेजी सहित 10 भाषाओं का ज्ञान रखती हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें