- पुलिस पर लगाए लापरवाही बरतने के आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिला बार एसोसिएशन के तत्वावधान में शुक्रवार को भी हड़ताल रही। जिले अधिवक्ताओं पर दर्ज हो रहे मुकदमों के विरोध में चल रही हड़ताल की अध्यक्षता एसोसिएशन के जिला प्रधान रविंद्र चौहान ने की। इस दौरान अधिवक्ताओं ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। हड़ताल के दौरान वकीलों ने पूरी तरह से कामकाज ठप रखा। इस कारण मुवकिलों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। कोई वकील अदालतों में न जाए, उसके लिए बार एसाेसिएशन के सदस्य अदालतों के मुख्य द्वार के बाहर कुर्सियां लगाकर बैठे रहे। अदालतों में मुवकिलों ने स्वयं जाकर अपनी हाजिरी लगवाकर तारीखें लीं।
बताया गया कि पुलिस द्वारा वकीलों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। इसके अलावा अधिवक्ताओं द्वारा दर्ज कराए गए कई मुकदमों में गिरफ्तारियां भी नहीं हुई हैं। मर्रोली गांव में अधिवक्ता दीपक सौरोत के पिता की हत्या कर दी गई, जिसमें कोई खुलासा नहीं हो सका है। इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व प्रधान सुनील डागर, राजीव लांबा, जिले सिंह तेवतिया, चरण सिंह रावत, कृष्णपाल तंवर, देवेंद्र डागर, सुखबीर सिंह, शिव रावत, करनैल सिंह, गोलम एडवोकेट मुख्य रूप से मौजूद रहे।
हथीन के वकील भी हड़ताल पर रहे
हथीन। जिला के विभिन्न थानों में वकीलों के संदर्भ में चल रहे केसों की निष्पक्षता से जांच न करने एवं वकीलों के ऊपर दर्ज केसों की जांच न करने के विरोध में हथीन बार एसोसिएशन के सदस्य वकील शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन हड़ताल पर रहे। हथीन बार एसोसिएशन के प्रधान संजय रावत ने बताया कि हथीन के वकील मोहम्मद इकबाल के खिलाफ उटावड थाना पुलिस ने निराधार केस दर्ज किया हुआ है। इसी प्रकार होडल बार एसोसिएशन के प्रधान हरवीर सिंह के खिलाफ भी झूठा केस दर्ज किया है। इन मामलों को लेकर हथीन के वकीलों में रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि जब तक पुलिस निष्पक्षता से जांच नहीं करती हथीन के वकील हड़ताल पर रहेंगें। वकीलों की हड़ताल से हथीन की सिविल एवं राजस्व अदालतों का काम काज प्रभावित रहा। मुवक्किल आए परन्तु अदालतों में वकीलों के न पहुंचने के कारण सुनवाई नहीं हो पाई। अदालतों से नई तारीखें मिल गईं। हथीन बार एसोसिएशन के प्रधान संजय रावत ने कहा कि केसों के संदर्भ में पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया इसके बावजूद हल नहीं निकल पाया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई वकील बार एसोसिएशन के फैसले को नजर अंदाज कर अदालतों में अधिवक्ता का कार्य करता है तो उसके ऊपर 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।