अब पातली गांव के ग्रामीणों ने अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की मांग करते हुए धरना शुरू किया
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। गांव पातली स्थित देह शामलात की जमीन पर निर्माण करने को लेकर हुई गोलीबारी के मामले में अब वकील और ग्रामीण आमने-सामने आ गए हैं। जहां इस मामले में पिछले एक सप्ताह से वकील हड़ताल पर बैठे हुए हैं, वहीं बुधवार को ग्रामीणों ने भी लघु सचिवालय पर आकर धरना शुरू कर दिया है। एक ओर वकील एसपी के तबादले और जेल में बंद वकीलों को रिहा कराने की मांग पर धरना दे रहे हैं, वहीं ग्रामीण अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए हैं। बुधवार को वकीलों ने विरोध को एक कदम आगे बढ़ाते हुए अदालत परिसर में प्रवेश करने वाले सभी दरवाजों पर ताला जड़ दिया। इस कारण केस की तारीख पर आए मुवक्किल न्यायाधीशों वाले रास्ते से अदालत परिसर के अंदर पहुंचे।
गांव पातली में एक देह शामलात जमीन है। उस जमीन पर छह जनवरी को अवैध निर्माण करने को लेकर ग्रामीणों तथा एक अन्य पक्ष के बीच विवाद हो गया था। उस विवाद में पहले ईंट व पत्थर फेंके गए फिर करीब 70 से 80 राउंड गोलियां चलाई गईं। बाद में पुलिस ने इस मामले में कुछ वकीलों सहित दो दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमा दर्ज करने के दो-तीन दिन बाद दो वकीलों को गिरफ्तार भी कर लिया गया था। पुलिस द्वारा वकीलों को गिरफ्तार करने पर वकीलों ने एसपी से मिलकर नाराजगी जताई थी तथा मुकदमा रद कर जेल से रिहा कराने की मांग की। इस मामले को लेकर वकील 30 जनवरी से हड़ताल पर बैठे हैं। वकीलों ने दो दिन पहले एसपी का पुतला भी फूंका था तथा वह सरकार से एसपी का तबादला करने की मांग करते हुए हड़ताल पर बैठे है।
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वकालत की आड़ में गुंडागर्दी करने वाले वकीलों के लाइसेंस हो रद्द : ग्रामीण
बुधवार को इस मामले में अन्य आरोपियोें की गिरफ्तारी न होने से नाराज ग्रामीण एकत्रित होकर जिला सचिवालय पहुंच गए तथा धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है। जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं किए जाएंगे, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। एकाएक ग्रामीणों द्वारा धरना शुरू करने के बाद अब वकील व ग्रामीण आमने सामने हैं। वहीं पुलिस के लिए यह मामला सिरदर्द बन गया है। धरना पर बैठे पातली के सरपंच विपिन, वेदपाल, कृपाल सूबेदार, शिवराम, राजेंद्र, शिबू ठेकेदार, जय प्रकाश, नकुल, लखन सिंह, संतोष कुमार, उदयवीर सिंह, ओमप्रकाश, भगवान सिंह, महेंद्र, देवेंद्र, अनिल कुमार ने कहा कि पुलिस आरोपी वकीलों के लाइसेंस रद्द कराए। भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाए। देह शामलात की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री को खारिज किया जाए। वकालत की आड़ में गुंडागर्दी करने वाले वकीलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। जिन हथियारों के लाइसेंस रद्द किए जाएं।
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अदालतों में जाने वाले गेटों पर लगाया ताला
वकीलों ने जिला अदालत परिसर में जाने वाले सभी गेटों पर बुधवार को ताला जड़ पूरी तरह से अदालतों को बंद कर दिया है। इस कारण अदालतों में कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है। वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द एसपी का तबादला नहीं किया गया तो हड़ताल आगे भी जारी रहेगी। वहीं, पलवल के वकीलों के आह्वान पर बार काउंसिल हरियाणा ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर वकीलों को रिहा कराने तथा मुकदमा रद कराने की मांग की है। साथ ही एसपी का तबादला कराने की भी मांग की गई है। प्रधान रविंद्र चौहान ने कहा कि इस मामले में एसपी की भूमिका गलत है। वकीलों पर जानकर राजनीति से प्रेरित होकर झूठेे मुकदमे बनाए जा रहे हैं। इस अवसर पर वकील सुनील डागर, राज कुमार तेवतिया, विक्रम वशिष्ठ, सुनील रावत, लाखा राम, शिव नारायण तेवतिया सहित काफी संख्या में वकील मौजूद रहे।
मुवक्किलों को न्यायाधीशों वाले रास्ते से जाना पड़ा
अदालतों के गेट पर ताला लगाने से मुवक्किलों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अपने केसों की तारीखों पर आए मुवक्किल पहले अदालतों में जाने के लिए भटकते रहे, लेकिन वकीलों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। बाद मुवक्किल किसी तरह से न्यायाधीशों वाले पीछे की तरफ रास्ते से पहुंचकर अदालतों में पहुंचे। इससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। उधर वकीलों और ग्रामीणों द्वारा धरना शुरू करने के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। पुलिस ने जिला सचिवालय पर सुरक्षा को लेकर पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि किसी तरह का विवाद न हो।