-जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने व धमकी देने का लगाया आरोप, केंद्रीय मंत्री से भी मिले पार्षद
- मुकदमा दर्ज न करने पर पार्षदों ने धरना देने की दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। सफाई के लिए ट्रैक्टर डिलीवरी को लेकर हुए विवाद में नगर परिषद के दो पार्षदों पर मुकदमा दर्ज करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मुकदमे में नामजद किए गए पार्षद दीपचंद ने अब नगर परिषद के अधिकारी के खिलाफ शिकायत देकर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप लगाया है। इससे पहले मंगलवार को नगर परिषद अधिकारी ने पार्षद दीपचंद व अनिल नागर के खिलाफ हाथापाई व एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया था। नगर परिषद चेयरमैन व पार्षदों ने केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर से भी मुलाकात कर उन्हें मामले से अवगत कराया है।
पार्षद पुलिस पर नगर परिषद अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बना रहे हैं। पार्षदों ने कहा कि मुकदमा दर्ज नहीं किया तो धरना शुरू किया जाएगा। दरअसल, मंगलवार को नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी मनेंद्र सिंह ने कैंप थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि तीन जनवरी सोमवार को किठवाडी चौक स्थित सोनालिका ट्रैक्टर एजेंसी पर जेई विनोद गुप्ता और लिपिक जितेंद्र भाटी ने ट्रैक्टर ले जाने के लिए चालकों को बुलाया। ट्रैक्टरों को ले जाने की बात कहकर वे चले गए।
इसी दौरान नगर परिषद के चेयरमैन डॉ. यशपाल, उप प्रधान मनोज बंधू, वार्ड नंबर 29 के पार्षद अनिल नागर, वार्ड नंबर दो के पार्षद प्रतिनिधी तेजपाल तेवातिया, वार्ड नंबर तीन के पार्षद दीपचंद, वार्ड नंबर 15 के पार्षद जितेंद्र तेवतिया एजेंसी पर आ गए। कुछ समय बाद जेई विनोद गुप्ता ने फोन कर ट्रैक्टर की डिलीवरी न लेने के लिए कहा। डिलीवरी न देने पर चेयरमैन व पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान पार्षद दीपचंद और अनिल नागर ने गाली-गलौज करते हुए कर्मचारियों के साथ हाथापाई की। कार्यवाहक सफाई दरोगा सत्यनारायण को जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और वहां खड़े सभी ट्रैक्टरों को बिना चाबी के स्टार्ट करके जबरन ले गए। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
पार्षद दीपचंद ने कहा- अनुसूचित जाति के व्यक्ति के खिलाफ नहीं दर्ज होता एससी-एसटी एक्ट फिर भी लगाया
कैंप थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दिनेश कुमार ने बताया कि पार्षद दीपचंद ने पुलिस को शिकायत दी है। शिकायत में कहा गया है कि उनके खिलाफ एससी एसटी एक्ट के तहत झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है। कानून अनुसूचित जाति के व्यक्ति पर एससी-एसटी एक्ट नहीं लगाया जा सकता है। उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे को रद्द किया जाए। पार्षद दीपचंद ने यह भी शिकायत में कहा है कि एक अधिकारी ने उसे जाति सूचक शब्दों से अपमानित करते हुए देख लेने की धमकी दी। जिस समय धमकी दी गई उस दौरान नगर परिषद चेयरमैन डा. यशपाल, वाइस चेयरमैन मनोज बंधु, पार्षद अनिल नागर, पार्षद प्रतिनिधि तेजपाल, सूरज, करण भी मौजूद थे।
इंस्पेक्टर दिनेश कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पार्षद दीपचंद की शिकायत पर अभी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। वहीं, पार्षदों का कहना है कि झूठा मुकदमा दर्ज करने के विरोध में एसपी चंद्रमोहन से मिलेंगे और पूरे घटनाक्रम से अवगत करवाएंगे।