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सामाजिक संस्थाओं की मुहिम से नेत्रदान ने पकड़ी रफ्तार

Fri, 02 Sep 2016 04:46 PM IST
अमर उजाला ब्ययूराो
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देश में 25 अगस्त से आठ सितंबर तक राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जा रहा है। नेत्रदान जैसे महादान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। शहर में भी सामाजिक संस्थाएं दृष्टिहीन लोगों के जीवन में फैले अंधकार को दूर कर उजाला लाने के लिए प्रयासरत हैं। 
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शहर में नेत्र ज्योति एक प्रयास, महावीर ज्योति पुंज व डोनर्स क्लब नेत्रदान के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। महावीर ज्योति पुंज की नींव महावीर इंटरनेशनल पलवल आर्यन के फाउंडर चेयरमैन स्व. जेके जैन ने रखी थी। नेत्र ज्योति एक संस्था के निदेशक सामाजिक कार्यकर्ता दीपक गोयल इस कार्य में जुटे हैं। संस्थाओं की मुहिम का ही असर है कि शहर में पिछले करीब छह वर्ष में 450 से अधिक लोग नेत्रदान कर चुके हैं। संस्थाओं के प्रयासों से यहां के छह लोगों को रोशनी भी मिल चुकी है। 
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संस्थापक ही बने पहले नेत्रदाता : 
- महावीर इंटरनेशनल आर्यन के अध्यक्ष प्रदीप मंगला के अनुसार संस्था के संस्थापक अध्यक्ष स्व. जेके जैन ने अप्रैल 2013 में नेत्रदान के प्रति जागरूकता फैलाने का बीड़ा उठाते हुए महावीर ज्योति पुंज की स्थापना की थी। अकस्मात 22 मई 2013 को जेके जैन का निधन हो गया। निधन के बाद उनके नेत्रदान किए गए, इस प्रकार 'महावीर ज्योति पुंजÓ के पहले नेत्रदाता संस्था के संस्थापक ही बन गए। संस्था अभी तक करीब 50 लोगों के नेत्रदान करा चुकी है।
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- प्रदीप मंगला, अध्यक्ष, महावीर इंटरनेशनल आर्यन  
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25 साल बाद रंग लाए प्रयास : 
- संस्था ने वर्ष 1985 में नेत्रदान के क्षेत्र में लोगों को जागरूक करने का कार्य शुरू किया था। लेकिन लोगों में अंधविश्वास ही इतना था कि पहली सफलता 21 वर्ष बाद वर्ष 2006 में मिली। वर्ष 2010 को बाद लोगों में काफी जागरूकता आई व अभी तक संस्था 400 से अधिक नेत्रदान करा चुकी है। 
- दीपक गोयल, संयोजक, नेत्र ज्योति एक प्रयास
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बॉॅक्स : कौन कर सकता है 
- किसी भी उम्र का कोई भी पुरुष-महिला नेत्रदान की शपथ ले सकता है। डायबिटीज (सुगर) या हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित, चश्मे या कॉन्टेक्ट लैंस पहनने वाले, मोतियाबिंद के ऑपरेशन वाले व्यक्ति भी नेत्रदान कर सकते हैं। 
इसके अलावा जो व्यक्ति मृत्यु पूर्व एचआईवी पॉजिटिव, हेपेटाइटस बी या सी, ब्लड कैंसर, सैप्टीसिमिया से पीड़ित हों या 48 से 72 घंटे वैंटिलेटर पर हो तो उनकी आंखें दान नहीं की जा सकती हैं।
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