- किसान संगठनों ने धान की फसल की सरकारी खरीद शुरू कराने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। शहर की अनाज मंडी में धान की आवक बढ़ती जा रही है। मंडी में आ रहे धान की फसल में ज्यादा नमी है। इस कारण सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पा रही है। धान की कटाई पर चुनाव का असर पड़ा है। किसान से लेकर मजदूर तक चुनावों में व्यस्त रहे। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि आठ अक्तूबर को चुनाव परिणाम के बाद मंडियों में फसल की आवक और बिक्री में तेजी आएगी।
शनिवार को मंडी में धान की फसल लेकर पहुंचे किसानों ने अधिकारियों से धान की सरकारी फसल की खरीद की मांग की। लेकिन मंडी के अधिकारियों ने जब धान की फसल की नमी की जांच की तो 17 से 19 फीसदी नमी धान की फसल में पाई गई। सरकार द्वारा धान की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2320 रुपये निर्धारित किया गया है। मंडी के सचिव वीरेंद्र सिंह ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसान अपनी धान की फसल को सूखने के बाद मंडी लेकर आए। जिससे उनकी फसल का सही दाम मिल सके।
उन्होंने कहा कि अभी तक धान 1509 की लगभग 20000 क्विंटल फसल की आवक मंडी में हुई है जबकि 2800 क्विंटल पीआर धान की फसल मंडी में आ चुकी है। धान की फसल की सरकारी खरीद के लिए अधिकारियों को लिखा है, खरीद शुरू होगी। वहीं किसान संगठन के सदस्य केशवदेव ने मंडी प्रशासन से धान की फसल की सरकारी खरीद शुरू मांग करते हुए कहा की सभी किसानों की धान की फसल में नमी ज्यादा नहीं है। लेकिन मंडी अधिकारियों की चुनाव कार्य में ड्यूटी होने के कारण किसानों की फसल की खरीद नहीं हो पा रही है।