- हरियाणा विधानसभा चुनावः सोशल मीडिया पर जीत-हार का दावा, चौक-चौराहों से लेकर चौपालों पर चर्चे तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। विधानसभा सीट पर मतदान वर्ष 2014 और 2019 की तुलना में इस बार चार प्रतिशत कम रहा है। जहां 2014 में 75.69 प्रतिशत और 2019 में 75.60 प्रतिशत वोटिंग हुई। वहीं 5 अक्तूबर 2024 को हुए विधानसभा चुनाव में 71.90 प्रतिशत मतदाताओं ने ही मतदान किया। मतदान के अगले दिन सुबह से ही प्रत्याशियों की हार-जीत की चर्चा शहर के चौक-चौराहों से लेकर गांवों में चौपालों पर हो रही है। सभी समर्थक अपने-अपने दलों की जीत का दावा कर रहे हैं। कोई भाजपा को ज्यादा मजबूत बता रहा है तो किसी को कांग्रेस की जीत नजर आ रही है। हालांकि, वास्तविकता 8 अक्टूबर को ही सामने आ पाएगी।
मतदान के बाद स्पष्ट हो चुका है कि मुख्य मुकाबला परंपरागत रूप से कांग्रेस और भाजपा के बीच ही है। चाय-पान की दुकानों, बाजारों और गांवों की चौपालों पर समर्थक अपने प्रत्याशी की जीत का दावा ठोक रहे हैं। पोलिंग बूथों पर किए गए आंकलन के अनुसार शहरी क्षेत्रों में मोदी के नाम पर वोट भाजपा के खाते में जाते दिखाई दिए। एकजुटता के कारण कांग्रेस के हौसले भी काफी बुलंद हैं। लोगों की मानें तो मोदी लहर का जादू इस बार चुनाव में काम नहीं आ रहा है। रविवार सुबह नेशनल हाईवे स्थित कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व प्रत्याशी उदयभान की आवाज पर उसके समर्थक भारी संख्या में पहुंच गए। समर्थक अपने-अपने बूथ पर की गई वोटिंग के अनुसार जीत का दवा करते दिखाई दिए। वहीं शहर के बाबरी मोड़ पर भाजपा प्रत्याशी हरेंद्र राम रतन अपने आवास पर समर्थकों के साथ बूथों पर एजेंट रहे समर्थकों से वोटों का आकलन करते हुए नजए आए।
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सोशल मीडिया पर जीत-हार का दावा
सोशल मीडिया पर भाजपा और कांग्रेस के समर्थक अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। इस संबंध में दोनों पार्टियों के समर्थक सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। मतदान से पहले दोनों पार्टियों के समर्थक सोशल मीडिया पर काफी मुखर रहे हैं। मतदान होने के साथ ही जीत व हार का मंथन शुरू हो गया है। समर्थकों में आपस में तकरार बढ़ रही है। बातों-बातों में लोगों के सुर तेज होते जा रहे हैं। गांवों से लेकर शहरों तक की अमूमन यही स्थिति है। हर तरफ चुनाव के चर्चे तेज हो गए हैं। राजनीतिक लोग चारों ओर मतगणना के पूर्व ही अपने राजनीति गणित के आधार पर जीत-हार का फैसला करते हुए नजर आ रहे हैं।