पलवल। पलवल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गाजियाबाद के लोनी स्थित अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भ्रूण लिंग जांच कराने वाले रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने जांच टीम के तहरीर पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जबकि, सेंटर संचालक और एक अन्य आरोपी फरार है। पुलिस ने पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
जिला सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि राजूद्दीन और सुनील नामक व्यक्ति पलवल के कुछ क्षेत्रों से गर्भवती महिलाओं को दिल्ली ले जाते हैं और वहां पर भ्रूण लिंग जांच कराते हैं। इसके एवज में करीब 40 से 50 हजार रुपये वसूलते हैं। इसके बाद छापेमारी के लिए डॉ. जेपी प्रसाद, डॉ. निधि, डीसीओ कृष्ण कुमार और लीगल एडवाइजर संजय गुप्ता को जांच टीम में शामिल किया। टीम ने एक गर्भवती महिला का संपर्क राजूद्दीन से करवाया। राजूद्दीन ने महिला को दिल्ली के शास्त्री नगर स्थित जग प्रवेश अस्पताल में बुलाया। जांच टीम महिला को लेकर अस्पताल पहुंची, जहां पर उनकी मुलाकात राजूद्दीन से हुई। उसने कहीं पर फोन किया और बात करने के बाद 40 हजार रुपये में जांच कराने की बात कही। इसके बाद राजूद्दीन महिला को थ्री व्हीलर में बैठाकर लोनी चक्कर नई दिल्ली ले गया। जहां मनोज नामक युवक के साथ बाइक से लोनी बॉर्डर की तरफ भेज दिया। इस दौरान टीम लगातार इनका पीछा करती रही। कुछ दूरी पर मनोज ने महिला को ज्ञान नाम के लड़के के साथ कर दिया। ज्ञान अपनी बाइक से महिला को गाजियाबाद के लोनी स्थित दिल्ली डायग्नोस्टिक सेंटर पर ले गया। जहां पर महिला के भ्रूण लिंग की जांच हुई।
इसके बाद आरोपी ज्ञान महिला के साथ लोनी गोल चक्कर दिल्ली की तरफ आने लगा और रास्ते में महिला को जोगिंद्र के हवाले कर दिया। जोगिंद्र महिला को लेकर लोनी गोल चक्कर पर आ गया, जहां पर राजूद्दीन मौजूद था। इसके बाद जोगिंद्र और राजूद्दीन महिला को छोड़ने जग प्रवेश अस्पताल आए, जहां पर टीम ने दोनों को काबू कर लिया। राजूद्दीन के पास से 6 हजार और जोगिंद्र से 4 हजार रुपये बरामद हुए।
दोनों आरोपियों ने बताया कि वह सुनील की मदद से लिंग जांच करवाते थे। इसके बाद टीम ने दोनों की निशानदेही पर सुनील को पास की लैब से गिरफ्तार कर लिया। जोगिंद्र और राजूद्दीन को लेकर टीम लोनी स्थित दिल्ली अल्ट्रासाउंड एंड डायग्नोस्टिक सेंटर पर गई, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही ज्ञान और सेंटर संचालक फरार हो गया। संचालक ही भ्रूण लिंग की जांच करता था। टीम तीनों आरोपियों को अपने साथ लेकर न्यू उस्मानपुर थाने गई, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। इसके बाद टीम तीनों आरोपियों को लेकर सिटी पलवल थाने आई और तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।